‘मिसाइल मैन’ और ‘जनता के राष्ट्रपति’ जैसे नामों से मशहूर भारत के पूर्व राष्ट्रपति और सुविख्यात वैज्ञानिक रहे अबुल पकिर जैनुल आब्दीन अब्दुल कलाम (एपीजे अब्दुल कलाम) का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम के धनुषकोडी गांव में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। अत्यंत कठिन परिस्थितियों के बीचREAD MORE CLICK HERE

(अभिषेक) हमारी पृथ्वी हमारे सौरमंडल का एकमात्र सुंदर ग्रह है, जिसमें जीवन है। जिस धरती ने इंसानों को अपनाया, अब इंसान उसी को नस्ट करने पर तुले है। सब कुछ अब बदल गया है इंसान, और दूसरे जानवरों ने अलग तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया है हम नेREAD MORE CLICK HERE

(श्वेता गोयल) वर्ष 1964 में प्रधानमंत्री बनने से पहले लाल बहादुर शास्त्री विदेश मंत्री, गृहमंत्री और रेल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके थे। ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले लाल बहादुर शास्त्री नैतिकता की मिसाल थे। जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने, उन्हें सरकारी आवास के साथ इंपाला शेवरलेREAD MORE CLICK HERE

लेखनी में रुचि रखने वाली 18 वर्षीय तस्नीम कौसर की नॉवेल ‘There is Story Behind Every Story’ लोगों को खूब पसंद आ रही है. तस्नीम कौसर फिलहाल अलीगढ़ विश्वविद्यायल से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्नातक प्रथम वर्ष में हैं. उन्होंने छपरा के भागवत विद्यापीठ से 10वीं पासREAD MORE CLICK HERE

Chhapra: राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर जयप्रकाश विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों ने कुलपति डॉ फारूक अली के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाया. इस दौरान कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवक,स्वयंसेविकाओं ने राजेंद्र सरोवर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर विश्वविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस मनाया. कुलपतिREAD MORE CLICK HERE

बेगूसराय (एजेंसी): बिहार कि सांस्कृतिक, साहित्यिक और औद्योगिक राजधानी बेगूसराय ने अपनी उर्वर भूमि पर एक से एक विभूति को पैदा किया है, जो बीते और वर्तमान काल खंड में ही नहीं, भविष्य में भी सदैव याद किए जाते रहेंगे। वैसे ही विभूतियों में एक हैं राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर।READ MORE CLICK HERE

स्वयं पर विश्वास होना बेहद जरुरी है, जिन्हें स्वयं पर विश्वास होता है, वे निसंदेह ही कामयाब होते है. ऐसा मूलमंत्र देती लेखक प्रशांत सिन्हा की पुस्तक “कामयाबी के मार्ग” युवा मन को सही दिशा प्रदान करने में बेहतरीन सिद्ध हो रही है. लेखक ने इस पुस्तक के माध्यम सेREAD MORE CLICK HERE

वीर सावरकर ने जलाई विदेशी वस्त्रों की होलीः स्वतंत्रता आंदोलन में विदेशी वस्त्रों की होली जलाना एक बड़ा हथियार बना। यह स्वदेशी का शंखनाद था। वर्ष 1921 में गांधी जी के आह्वान पर बड़ी संख्या में भारतवासियों ने विदेशी कपड़ों की जगह भारतीय वस्त्र अपना लिए थे। उस साल 22READ MORE CLICK HERE

युगाब्ध-5123, विक्रम संवत 2078, राष्ट्रीय शक संवत-1943 सूर्योदय 05.50, सूर्यास्त 06.40, ऋतु – वर्षा श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, रविवार, 22 अगस्त 2021 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज काREAD MORE CLICK HERE

कुमार वीरेश्वर सिन्हा आज हमारे महान शहनाई वादक स्व बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि हमारे भोजपुरी क्षेत्र के इस महान सपूत ने शहनाई वादन में अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए। हालांकि सिनेमा फिल्मों में शहनाई बजाने से उन्होंने परहेज किया फिर भी एक फिल्म गूंजREAD MORE CLICK HERE

खामोश हुई शहनाईः 21 अगस्त 2006 को भारत के मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां का इंतकाल हो गया। अपने प्रिय शहर बनारस में जब उन्हें सिपुर्द-ए-खाक किया गया तो उनके साथ उनकी एक शहनाई भी दफनाई गयी। इसके साथ ही बनारस में गंगा के घाटों पर उमड़ने वाला सुरोंREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) हम अक्सर शिकायत करते हैं कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों के बाद भी हमें देश ने कुछ नही दिया। यदि सभी लोग याचना छोड़कर देश के प्रति अपने कर्त्तव्य निभाएं तो देश की उन्नति को कोई नहीं रोक सकता। अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति जे एफ कैनेडी ने कहाREAD MORE CLICK HERE