पटना, 01 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत मंदिर परिसर की भूमि को पृथक चिन्हित कर सुरक्षित रखने, चहारदीवारी के निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने तथा मंदिर परिसर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। ये विद्यालय पूर्णिया पूर्व (मौजा-मधुबनी), राजगीर (मौजा-पिलखी), शेखपुरा (मौजा-नीमी), मधेपुरा (मौजा-साहुगढ़) और मधुबनी जिले के राजनगर अंचल स्थित सतिहारपुर में स्थापित होंगे। सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होंगे। राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी और किशनगंज सहित विभिन्न जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। यहां आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, डिजिटल सेवाएं, व्यावसायिक सुविधाएं, स्वच्छता और बेहतर यातायात प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार ने दिया, व्हाट्सएप पर “यूज़रनेम” फ़ीचर पर रोक लगाने का निर्देश कैबिनेट ने “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था” के अवसर पर बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय ‘सोमनाथ यात्रा’ के आयोजन को भी मंजूरी दी है। सरकार यात्रा के सफल और सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। बैठक के दौरान ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले कुल 51,923 करोड़ रुपये के बेसिक और निष्पादन अनुदान के वितरण, उपयोग और क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को निष्पादन अनुदान का भी लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन (संशोधन) नियमावली-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। वहीं, पटना नगर निगम को शहर की दीर्घकालीन शहरी समस्याओं, विशेषकर सड़क अतिक्रमण और अनियमित वेंडिंग से उत्पन्न यातायात समस्याओं के समाधान के लिए 200 करोड़ रुपये तक के नगर निगम बॉन्ड जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई। बिहार विधान परिषद के 10 नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली शपथ बैठक में रोजगार और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत अकुशल मजदूरों की मजदूरी दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रति सात घंटे कार्य के लिए मिट्टी कटाई की निर्धारित मजदूरी 256 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। कैबिनेट ने पटना जू प्रबंधन एवं विकास समिति के सुचारु संचालन के लिए 23 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी, जिनमें एक नियमित और 22 संविदा आधारित पद होंगे। साथ ही पटना के शास्त्री नगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान की निलंबित राजस्व पदाधिकारी सोनी कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के तहत सुपौल जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वीरपुर हवाई अड्डे के विकास के लिए 88.83 एकड़ भूमि के मुआवजे के लिए 29.56 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, भूमि अधिग्रहण और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए बिहार आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण को राज्य सरकार की गारंटी पर वित्तीय संस्थानों से 25 हजार करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए अधिकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। राजद ने मनाया 29वां स्थापना दिवस, लालू यादव बोले- गरीब, वंचित और पिछड़ों की आवाज बनी रहेगी पार्टी कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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पटना, 01 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत मंदिर परिसर की भूमि को पृथक चिन्हित कर सुरक्षित रखने, चहारदीवारी के निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने तथा मंदिर परिसर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
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शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। ये विद्यालय पूर्णिया पूर्व (मौजा-मधुबनी), राजगीर (मौजा-पिलखी), शेखपुरा (मौजा-नीमी), मधेपुरा (मौजा-साहुगढ़) और मधुबनी जिले के राजनगर अंचल स्थित सतिहारपुर में स्थापित होंगे। सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी और किशनगंज सहित विभिन्न जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। यहां आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, डिजिटल सेवाएं, व्यावसायिक सुविधाएं, स्वच्छता और बेहतर यातायात प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
कैबिनेट ने “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था” के अवसर पर बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय ‘सोमनाथ यात्रा’ के आयोजन को भी मंजूरी दी है। सरकार यात्रा के सफल और सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी।
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बैठक के दौरान ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले कुल 51,923 करोड़ रुपये के बेसिक और निष्पादन अनुदान के वितरण, उपयोग और क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को निष्पादन अनुदान का भी लाभ मिलेगा।
विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन (संशोधन) नियमावली-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई। वहीं, पटना नगर निगम को शहर की दीर्घकालीन शहरी समस्याओं, विशेषकर सड़क अतिक्रमण और अनियमित वेंडिंग से उत्पन्न यातायात समस्याओं के समाधान के लिए 200 करोड़ रुपये तक के नगर निगम बॉन्ड जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में रोजगार और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत अकुशल मजदूरों की मजदूरी दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रति सात घंटे कार्य के लिए मिट्टी कटाई की निर्धारित मजदूरी 256 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
कैबिनेट ने पटना जू प्रबंधन एवं विकास समिति के सुचारु संचालन के लिए 23 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी, जिनमें एक नियमित और 22 संविदा आधारित पद होंगे। साथ ही पटना के शास्त्री नगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान की निलंबित राजस्व पदाधिकारी सोनी कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
सीमावर्ती क्षेत्र के विकास के तहत सुपौल जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वीरपुर हवाई अड्डे के विकास के लिए 88.83 एकड़ भूमि के मुआवजे के लिए 29.56 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, भूमि अधिग्रहण और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए बिहार आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण को राज्य सरकार की गारंटी पर वित्तीय संस्थानों से 25 हजार करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए अधिकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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