पूर्णिया: गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री एवं भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप संघाणी गुरुवार को पूर्णिया पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बिहार में मखाना उत्पादन, मखाना बोर्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य और देश में खाद की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। दिलीप संघाणी ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर मखाना का उत्पादन होता है। मखाना किसानों और इससे जुड़े कारोबारियों को अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। मखाना अब वैश्विक उत्पाद बन चुका है तथा पूर्णिया और सीमांचल में उत्पादित उन्नत गुणवत्ता वाले मखाना की देश-विदेश में तेजी से मांग बढ़ रही है। औचक निरीक्षण में खुली पोल: पांच शिक्षक गायब, स्कूल में एक भी छात्र नहीं, वेतन पर रोक मखाना के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा चल रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में विचार-विमर्श किया जा रहा है। सीमांचल में मखाना बोर्ड का कार्यालय अथवा क्षेत्रीय व्यवस्था स्थापित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस विषय को केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के समक्ष रखेंगे। देश में खाद की कमी के संबंध में इफको अध्यक्ष ने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उर्वरक उत्पादन एवं आपूर्ति पर प्रभाव पड़ा है। 22 हजार से अधिक आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की बहाली से मजबूत होगी आंगनबाड़ी व्यवस्था: डाॅ श्वेता गुप्ता इसके बावजूद इफको देश में खाद का उत्पादन बढ़ाने और किसानों तक इसकी सहज एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। प्रेस वार्ता के बाद दिलीप संघाणी सहित सभी अतिथि कटिहार के लिए प्रस्थान कर गए, जहां अतुल्यम मखाना फूड प्रोसेसिंग की एक बड़ी इकाई का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में अतुल्यम के निदेशक विनोद आशीष, मध्य प्रदेश के मंदसौर से चार बार के सांसद एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, एनसीसीएफ एवं बिस्कोमान के चेयरमैन विशाल सिंह तथा भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के पूर्व सचिव एवं अतुल्यम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेम कुमार पाण्डेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। आईजीआईएमएस काे मिली आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वास्थ्य मंत्री ने किया लोकार्पण इसके अलावा इफको, नाफेड और बिस्कोमान के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न सहकारी बैंकों के दर्जनों अध्यक्ष तथा मुंबई, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं पश्चिम बंगाल से आए बड़े व्यापारी कार्यक्रम में शामिल हुए। बालाजी, हल्दीराम, विशाल मेगा मार्ट, रिलायंस सहित कॉरपोरेट जगत के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सहकारी संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने किसानों से सीधे मखाना की खरीद, आधुनिक प्रसंस्करण, बेहतर पैकेजिंग और बाजार विस्तार के लिए बड़े स्तर पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। आयोजकों के अनुसार, यह पहला अवसर है जब इतने प्रमुख संस्थान अतुल्यम मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव के साथ मिलकर मखाना किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक मखाना किसान और मखाना फोड़ने के कार्य से जुड़े श्रमिक उपस्थित रहे।
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पूर्णिया: गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री एवं भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप संघाणी गुरुवार को पूर्णिया पहुंचे।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बिहार में मखाना उत्पादन, मखाना बोर्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य और देश में खाद की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।
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दिलीप संघाणी ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर मखाना का उत्पादन होता है। मखाना किसानों और इससे जुड़े कारोबारियों को अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है।
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मखाना अब वैश्विक उत्पाद बन चुका है तथा पूर्णिया और सीमांचल में उत्पादित उन्नत गुणवत्ता वाले मखाना की देश-विदेश में तेजी से मांग बढ़ रही है।
मखाना के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा चल रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में विचार-विमर्श किया जा रहा है।
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सीमांचल में मखाना बोर्ड का कार्यालय अथवा क्षेत्रीय व्यवस्था स्थापित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस विषय को केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के समक्ष रखेंगे।
देश में खाद की कमी के संबंध में इफको अध्यक्ष ने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उर्वरक उत्पादन एवं आपूर्ति पर प्रभाव पड़ा है।
इसके बावजूद इफको देश में खाद का उत्पादन बढ़ाने और किसानों तक इसकी सहज एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
प्रेस वार्ता के बाद दिलीप संघाणी सहित सभी अतिथि कटिहार के लिए प्रस्थान कर गए, जहां अतुल्यम मखाना फूड प्रोसेसिंग की एक बड़ी इकाई का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में अतुल्यम के निदेशक विनोद आशीष, मध्य प्रदेश के मंदसौर से चार बार के सांसद एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, एनसीसीएफ एवं बिस्कोमान के चेयरमैन विशाल सिंह तथा भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के पूर्व सचिव एवं अतुल्यम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेम कुमार पाण्डेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा इफको, नाफेड और बिस्कोमान के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न सहकारी बैंकों के दर्जनों अध्यक्ष तथा मुंबई, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं पश्चिम बंगाल से आए बड़े व्यापारी कार्यक्रम में शामिल हुए। बालाजी, हल्दीराम, विशाल मेगा मार्ट, रिलायंस सहित कॉरपोरेट जगत के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में सहकारी संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने किसानों से सीधे मखाना की खरीद, आधुनिक प्रसंस्करण, बेहतर पैकेजिंग और बाजार विस्तार के लिए बड़े स्तर पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
आयोजकों के अनुसार, यह पहला अवसर है जब इतने प्रमुख संस्थान अतुल्यम मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव के साथ मिलकर मखाना किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक मखाना किसान और मखाना फोड़ने के कार्य से जुड़े श्रमिक उपस्थित रहे।
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