पटना, 14 मार्च (हि.स.) । सैयद अता हसनैन ने बिहार के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। पटना के लोक भवन में आयाेजित समारोह में शनिवार काे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सैयद अता हसनैन बिहार के 43वें राज्यपाल बनें है। गुरुवार को ही उनका पटना आगमन हो चुका था, राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को सिर्फ संवैधानिक बदलाव नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। करीब चार दशक तक भारतीय सेना में सेवा दे चुके सैयद अता हसनैन अपनी मजबूत रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में। सुरक्षा, कूटनीति और सामाजिक समन्वय को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एवं भ्रामक सामग्री डालने वालों के खिलाफ 4 महीने में 128 एफआईआर उनके नेतृत्व में सेना ने कई सामाजिक पहल भी शुरू की थीं। युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए, जिससे कश्मीर के नौजवानों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश हुई। यही वजह है कि उन्हें सिर्फ सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विचारक के रूप में भी देखा जाता है। वेनेजुएला भूकंप : भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत राहत सामग्री लेकर रवाना हुए वायुसेना के दो विमान सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका सार्वजनिक जीवन सक्रिय रहा। उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में योगदान दिया। सद्दगुरु जग्गी वासुदेव पटना तीन दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत माैके पर नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, विधान परिषद के उप मुख्यमंत्री अवधेश नारायण सिंह समेत राज्य विधानसभा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
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पटना, 14 मार्च (हि.स.) । सैयद अता हसनैन ने बिहार के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। पटना के लोक भवन में आयाेजित समारोह में शनिवार काे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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सैयद अता हसनैन बिहार के 43वें राज्यपाल बनें है। गुरुवार को ही उनका पटना आगमन हो चुका था, राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को सिर्फ संवैधानिक बदलाव नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। करीब चार दशक तक भारतीय सेना में सेवा दे चुके सैयद अता हसनैन अपनी मजबूत रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में। सुरक्षा, कूटनीति और सामाजिक समन्वय को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
उनके नेतृत्व में सेना ने कई सामाजिक पहल भी शुरू की थीं। युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए, जिससे कश्मीर के नौजवानों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश हुई। यही वजह है कि उन्हें सिर्फ सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विचारक के रूप में भी देखा जाता है।
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका सार्वजनिक जीवन सक्रिय रहा। उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में योगदान दिया।
माैके पर नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, विधान परिषद के उप मुख्यमंत्री अवधेश नारायण सिंह समेत राज्य विधानसभा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
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