पटना, 21 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े सात महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। विस्तृत चर्चा के बाद सभी विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इनमें जुआ प्रतिषेध, माल एवं सेवा कर (जीएसटी), भूमि दाखिल-खारिज, नर्सेज पंजीकरण, चिकित्सा तथा चीनी उपक्रमों से जुड़े संशोधन विधेयक प्रमुख हैं। सभी विधायी कार्य पूरे होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दिनभर चली कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुए। इस दौरान विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अन्य समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार हंगामा किया। हालांकि, विरोध के बीच भी सदन की कार्यवाही जारी रही और सरकार अपने सभी प्रस्तावित विधेयकों को पारित कराने में सफल रही। श्रावण के सोमवार को केदारनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 14.45 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन सरकार की ओर से कहा गया कि पारित विधेयकों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। विशेष रूप से भूमि दाखिल-खारिज और राजस्व व्यवस्था से जुड़े संशोधनों से आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सरलता और पारदर्शिता के साथ मिल सकेगा। वहीं, कर, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों से जुड़े संशोधन संबंधित कानूनों को वर्तमान आवश्यकताओं और बदलते समय के अनुरूप अद्यतन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। विपक्ष के हंगामे के बीच चार विधेयक पेश, अधिकरण सुधार विधेयक लोकसभा से पारित मंगलवार को विधानसभा से पारित प्रमुख विधेयकों में बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक, 2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चीनी उपक्रम अर्जन (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा एक अन्य विभागीय संशोधन विधेयक शामिल हैं। बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में जय प्रकाश विश्वविद्यालय मुख्यालय पर शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायी कार्य संपन्न होने के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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पटना, 21 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े सात महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए। विस्तृत चर्चा के बाद सभी विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इनमें जुआ प्रतिषेध, माल एवं सेवा कर (जीएसटी), भूमि दाखिल-खारिज, नर्सेज पंजीकरण, चिकित्सा तथा चीनी उपक्रमों से जुड़े संशोधन विधेयक प्रमुख हैं। सभी विधायी कार्य पूरे होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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दिनभर चली कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुए। इस दौरान विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अन्य समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार हंगामा किया। हालांकि, विरोध के बीच भी सदन की कार्यवाही जारी रही और सरकार अपने सभी प्रस्तावित विधेयकों को पारित कराने में सफल रही।
सरकार की ओर से कहा गया कि पारित विधेयकों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है। विशेष रूप से भूमि दाखिल-खारिज और राजस्व व्यवस्था से जुड़े संशोधनों से आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सरलता और पारदर्शिता के साथ मिल सकेगा। वहीं, कर, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों से जुड़े संशोधन संबंधित कानूनों को वर्तमान आवश्यकताओं और बदलते समय के अनुरूप अद्यतन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
मंगलवार को विधानसभा से पारित प्रमुख विधेयकों में बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक, 2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चीनी उपक्रम अर्जन (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा एक अन्य विभागीय संशोधन विधेयक शामिल हैं।
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