पटना, 08 जून (हि.स.)। राजधानी पटना में चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज फायरिंग और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद से जुड़े मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) याचिका दायर की है। उनके अधिवक्ता की ओर से यह आवेदन ऑनलाइन माध्यम से दाखिल किया गया है। खान ग्लोबल स्टडीज में हुई फायरिंग और उसके बाद शुरू हुए विवाद से जुड़े मामले में सोमवार को अदालत में कई महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आए। खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई निर्धारित की गई है। इस बीच मामले में गिरफ्तार किए गए खान ग्लोबल स्टडीज के दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। उधर, इसी मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अब अदालत के आगामी आदेश को इस पूरे विवाद के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार कैबिनेट ने ज़मीन मापी शुल्क में बढ़ोतरी समेत कुल 25 प्रस्तावों को दी मंज़ूरी सुनवाई के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि घटना के दौरान हुई फायरिंग केवल भीड़ को नियंत्रित करने या तितर-बितर करने के लिए नहीं थी, बल्कि यह एक सुनियोजित कार्रवाई थी। पक्षकारों ने अदालत के समक्ष इस घटना को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के शिक्षक शशांक पाठक ने रौशन आनंद की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन आरोपों के आधार पर रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया है, वे अब तक साबित नहीं हो सके हैं। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रखा गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रौशन आनंद की शीघ्र रिहाई नहीं होती है तो उनके समर्थक अनशन पर बैठकर आंदोलन करेंगे। विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह की गिरफ्तारी पर रोक 15 जून तक बढ़ी इस बीच मीडिया से बातचीत करते हुए खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महूआर ने कहा कि अदालत में मामले पर विस्तृत बहस हुई और न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला तथ्यों और कानून के आधार पर होगा। महूआर ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस मामले में जानबूझकर फंसाया गया है। उनके अनुसार, खान सर के खिलाफ दर्ज एफआईआर दुर्भावनापूर्ण है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि घटना में खान सर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी और उन्हें अनावश्यक रूप से मामले में शामिल किया गया है। बिहार विधान परिषद चुनाव: राजग के सभी नौ उम्मीदवारों ने भरा नामांकन उल्लेखनीय है कि इससे पहले शनिवार को भी खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर करने का प्रयास किया गया था। हालांकि निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो जाने के कारण उस दिन आवेदन दाखिल नहीं हो सका था। नियमित जमानत से संबंधित फाइल भी आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसके बाद सोमवार को विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। फायरिंग की घटना और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद को लेकर राज्यभर में चर्चा बनी हुई है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है। अदालत का फैसला न केवल खान सर की कानूनी स्थिति को प्रभावित करेगा, बल्कि इस पूरे विवाद और इससे जुड़े अन्य आरोपितों के मामलों पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल सभी पक्ष अदालत के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। मामले में आने वाला फैसला यह तय करेगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी और फायरिंग प्रकरण में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
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पटना, 08 जून (हि.स.)। राजधानी पटना में चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज फायरिंग और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद से जुड़े मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) याचिका दायर की है। उनके अधिवक्ता की ओर से यह आवेदन ऑनलाइन माध्यम से दाखिल किया गया है।
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खान ग्लोबल स्टडीज में हुई फायरिंग और उसके बाद शुरू हुए विवाद से जुड़े मामले में सोमवार को अदालत में कई महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आए। खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई निर्धारित की गई है। इस बीच मामले में गिरफ्तार किए गए खान ग्लोबल स्टडीज के दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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उधर, इसी मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अब अदालत के आगामी आदेश को इस पूरे विवाद के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुनवाई के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि घटना के दौरान हुई फायरिंग केवल भीड़ को नियंत्रित करने या तितर-बितर करने के लिए नहीं थी, बल्कि यह एक सुनियोजित कार्रवाई थी। पक्षकारों ने अदालत के समक्ष इस घटना को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
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वहीं, ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के शिक्षक शशांक पाठक ने रौशन आनंद की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन आरोपों के आधार पर रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया है, वे अब तक साबित नहीं हो सके हैं। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रखा गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रौशन आनंद की शीघ्र रिहाई नहीं होती है तो उनके समर्थक अनशन पर बैठकर आंदोलन करेंगे।
इस बीच मीडिया से बातचीत करते हुए खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महूआर ने कहा कि अदालत में मामले पर विस्तृत बहस हुई और न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला तथ्यों और कानून के आधार पर होगा।
महूआर ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस मामले में जानबूझकर फंसाया गया है। उनके अनुसार, खान सर के खिलाफ दर्ज एफआईआर दुर्भावनापूर्ण है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि घटना में खान सर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी और उन्हें अनावश्यक रूप से मामले में शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले शनिवार को भी खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर करने का प्रयास किया गया था। हालांकि निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो जाने के कारण उस दिन आवेदन दाखिल नहीं हो सका था। नियमित जमानत से संबंधित फाइल भी आगे नहीं बढ़ पाई थी। इसके बाद सोमवार को विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया।
फायरिंग की घटना और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद को लेकर राज्यभर में चर्चा बनी हुई है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है। अदालत का फैसला न केवल खान सर की कानूनी स्थिति को प्रभावित करेगा, बल्कि इस पूरे विवाद और इससे जुड़े अन्य आरोपितों के मामलों पर भी असर डाल सकता है।
फिलहाल सभी पक्ष अदालत के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। मामले में आने वाला फैसला यह तय करेगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी और फायरिंग प्रकरण में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
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