Chhapra: सारण जिले का फार्मेसी संस्थान विवेकानंद VIP फार्मेसी कॉलेज में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर में पर्यावरण के प्रति सजग व जागरूक रहने के उद्देश्य से इसकी महत्ता को केंद्र बनाते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान परिवार के सभी सदस्यों प्राचार्य, निदेशक, शिक्षक एवं सभी विद्यार्थी आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा बनाना, उसकी देखभाल व सुरक्षा करना तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाना भी रहा क्योंकि पर्यावरण के बिना जीवन असंभव है। आज का पंचांग | अधिक ज्येष्ठ कृष्णपक्ष षष्ठी कार्यक्रम में उपस्थित संस्थान के प्राचार्य ने इस अवसर पर अपने मन्तव्यों में कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमारा प्रथम दायित्व होना चाहिए, क्योंकि यह हमारे लिए जीवनदायिनी है। हम सभी को आज यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि पर्यावरण को दूषित होने से बचाने का हर संभव प्रयास करेंगे तथा साथ ही पर्यावरण को हरा भरा बनाने के उद्देश्य से अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगे जिससे धरती पर ऑक्सीजन की कमी न हो और तापमान भी सामान्य रहे। विक्रमशिला सेतु पर 7 जून से फिर शुरू होगा आवागमन, 10 टन वजनी वाहन ही गुजर सकेंगे संस्थान के शिक्षकों ने भी पर्यावरण के बारे में लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की तथा अधिक से अधिक पौधो को लगाने पर बल दिया। संस्थान के बी फार्मा व डी फार्मा के विद्यार्थियों ने भी अपने शिक्षकों के सानिध्य में एक टीम गठित करते हुए नजदीकी नर्सरी गार्डन से लाभप्रद पौधों की खरीदारी करते हुए महाविद्यालय प्रांगण के हर्बल गार्डन में एक साथ पौधारोपण कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया तथा साथ ही शपथ भी लिया कि पर्यावरण को सदा हरा-भरा बनाए रखेंगे। इतना ही नहीं बल्कि उन विद्यार्थियों द्वारा चार्ट पेपर पर एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट तैयार किए गए तथा पेड़ लगाने को लेकर नारेबाजी किए, जो लोगों में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर विशेष संदेश देने का काम किया। सीवान जंक्शन पर लावारिस बैग से 12.45 किलो गांजा बरामद प्राचार्य ने भी इस मौके पर बताया कि ओजोन परत में बड़े बड़े छिद्र हो जाने के कारण सूर्य की पारा बैगनी किरणे सीधे पृथ्वी पर पड़ रही हैं जो पृथ्वी पर काफी बुरा असर डाल रही हैं, आने वाले समय में पृथ्वी पर जीवनयापन दुर्लभ हो सकता है, ऐसी स्थिति में हरे-भरे वृक्ष ही हमारे लिए संजीवनी के रूप में एक मात्र सहारा है। अतः हम सभी को वृक्षों की कटाई को रोकते हुए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने होंगे तथा पर्यावरण को दूषित होने से पूर्णतः रोकना होगा। संस्थान के सभी सदस्यों में इस कार्यक्रम को लेकर काफी रोचकता देखने को मिली।
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Chhapra: सारण जिले का फार्मेसी संस्थान विवेकानंद VIP फार्मेसी कॉलेज में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर में पर्यावरण के प्रति सजग व जागरूक रहने के उद्देश्य से इसकी महत्ता को केंद्र बनाते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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इस कार्यक्रम में संस्थान परिवार के सभी सदस्यों प्राचार्य, निदेशक, शिक्षक एवं सभी विद्यार्थी आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा बनाना, उसकी देखभाल व सुरक्षा करना तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाना भी रहा क्योंकि पर्यावरण के बिना जीवन असंभव है।
कार्यक्रम में उपस्थित संस्थान के प्राचार्य ने इस अवसर पर अपने मन्तव्यों में कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमारा प्रथम दायित्व होना चाहिए, क्योंकि यह हमारे लिए जीवनदायिनी है। हम सभी को आज यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि पर्यावरण को दूषित होने से बचाने का हर संभव प्रयास करेंगे तथा साथ ही पर्यावरण को हरा भरा बनाने के उद्देश्य से अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगे जिससे धरती पर ऑक्सीजन की कमी न हो और तापमान भी सामान्य रहे।
संस्थान के शिक्षकों ने भी पर्यावरण के बारे में लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की तथा अधिक से अधिक पौधो को लगाने पर बल दिया। संस्थान के बी फार्मा व डी फार्मा के विद्यार्थियों ने भी अपने शिक्षकों के सानिध्य में एक टीम गठित करते हुए नजदीकी नर्सरी गार्डन से लाभप्रद पौधों की खरीदारी करते हुए महाविद्यालय प्रांगण के हर्बल गार्डन में एक साथ पौधारोपण कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया तथा साथ ही शपथ भी लिया कि पर्यावरण को सदा हरा-भरा बनाए रखेंगे। इतना ही नहीं बल्कि उन विद्यार्थियों द्वारा चार्ट पेपर पर एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट तैयार किए गए तथा पेड़ लगाने को लेकर नारेबाजी किए, जो लोगों में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर विशेष संदेश देने का काम किया।
प्राचार्य ने भी इस मौके पर बताया कि ओजोन परत में बड़े बड़े छिद्र हो जाने के कारण सूर्य की पारा बैगनी किरणे सीधे पृथ्वी पर पड़ रही हैं जो पृथ्वी पर काफी बुरा असर डाल रही हैं, आने वाले समय में पृथ्वी पर जीवनयापन दुर्लभ हो सकता है, ऐसी स्थिति में हरे-भरे वृक्ष ही हमारे लिए संजीवनी के रूप में एक मात्र सहारा है। अतः हम सभी को वृक्षों की कटाई को रोकते हुए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने होंगे तथा पर्यावरण को दूषित होने से पूर्णतः रोकना होगा। संस्थान के सभी सदस्यों में इस कार्यक्रम को लेकर काफी रोचकता देखने को मिली।