भागलपुर: जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। जल संसाधन विभाग द्वारा बुधवार (5 अगस्त) को जारी रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों—इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और चोरहर में जलस्तर में बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है। पानी का बहाव तेज होने के कारण कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के टो को छूने लगा है। राहत की बात यह है कि सभी प्रमुख स्थलों पर दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है। जलस्तर में दोबारा हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। श्रावण के सोमवार को केदारनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 14.45 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर तैनात अभियंताओं को 24 घंटे विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ या कटाव की किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी की गई है। सभी संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में फ्लड फाइटिंग सामग्रियां (जैसे जियो बैग, क्रेट और बालू की बोरियां) पहले से ही स्टॉक कर ली गई हैं। विपक्ष के हंगामे के बीच चार विधेयक पेश, अधिकरण सुधार विधेयक लोकसभा से पारित अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि घबराने की कोई बात नहीं है, तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में जय प्रकाश विश्वविद्यालय मुख्यालय पर शिक्षकों का धरना-प्रदर्शन
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भागलपुर: जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।
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जल संसाधन विभाग द्वारा बुधवार (5 अगस्त) को जारी रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों—इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और चोरहर में जलस्तर में बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है। पानी का बहाव तेज होने के कारण कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के टो को छूने लगा है। राहत की बात यह है कि सभी प्रमुख स्थलों पर दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है। जलस्तर में दोबारा हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर तैनात अभियंताओं को 24 घंटे विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ या कटाव की किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी की गई है। सभी संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में फ्लड फाइटिंग सामग्रियां (जैसे जियो बैग, क्रेट और बालू की बोरियां) पहले से ही स्टॉक कर ली गई हैं।
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