कोलकाता, 17 नवंबर (हि.स.)। वालोंग दिवस के 63वें समापन समारोह का आयोजन 15 और 16 नवंबर को वालोंग में किया गया। इस अवसर पर 1962 के युद्ध के ऐतिहासिक वालोंग युद्ध में लड़े भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में पूर्वी सेना के सेनापति लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी, क्वार्टर मास्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन, स्पीयर कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस पेंढारकर, अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोना मेन सहित 1962 के युद्ध के दिग्गज सैनिक और उनके परिजन उपस्थित रहे। आज का पंचांग | अधिक ज्येष्ठ कृष्णपक्ष त्रयोदशी 15 नवंबर को वालोंग दिवस पूर्व संध्या कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड शो, ड्रोन डिस्प्ले, सैंड आर्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ उन वीर सैनिकों की गाथा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया जिन्होंने 1962 में अद्वितीय साहस दिखाया। ‘धमाल 4’ का ट्रेलर रिलीज, फिर कॉमेडी का धमाल मचाएगी अजय देवगन की पलटन अगले दिन लोंग वार मेमोरियल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इसके बाद वालोंग युद्ध के नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। स्थानीय कलाकारों और भारतीय सेना द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में पारंपरिक गरिमा जोड़ी। कार्यक्रम के दौरान युद्ध दिग्गजों तथा विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वालों को सम्मानित भी किया गया। समापन समारोह भारतीय सेना के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और निष्ठा को समर्पित रहा। Facebook और Instagram हुआ डाउन, परेशान रहे यूजर्स
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कोलकाता, 17 नवंबर (हि.स.)। वालोंग दिवस के 63वें समापन समारोह का आयोजन 15 और 16 नवंबर को वालोंग में किया गया। इस अवसर पर 1962 के युद्ध के ऐतिहासिक वालोंग युद्ध में लड़े भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि दी गई।
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समारोह में पूर्वी सेना के सेनापति लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी, क्वार्टर मास्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन, स्पीयर कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस पेंढारकर, अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोना मेन सहित 1962 के युद्ध के दिग्गज सैनिक और उनके परिजन उपस्थित रहे।
15 नवंबर को वालोंग दिवस पूर्व संध्या कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड शो, ड्रोन डिस्प्ले, सैंड आर्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ उन वीर सैनिकों की गाथा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया जिन्होंने 1962 में अद्वितीय साहस दिखाया।
अगले दिन लोंग वार मेमोरियल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इसके बाद वालोंग युद्ध के नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। स्थानीय कलाकारों और भारतीय सेना द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में पारंपरिक गरिमा जोड़ी। कार्यक्रम के दौरान युद्ध दिग्गजों तथा विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वालों को सम्मानित भी किया गया। समापन समारोह भारतीय सेना के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और निष्ठा को समर्पित रहा।
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