सीवान, 22 मई (हि.स.)। सीवान जंक्शन और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली लावारिस लाशों को उठाने वाला भोला कुमार शुक्रवार की सुबह खुद ट्रेन हादसे का शिकार हो गया। मैरवा स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। जनगणना प्री टेस्ट: डीसीओ ट्रेनर्स ने क्षेत्र में कराया स्व-गणना, छ्ह जुलाई से प्रगणक व पर्यवेक्षक करेंगे पूर्व परिक्षण बताया जाता है कि भोला कुमार लंबे समय से सीवान जीआरपी थाना की सहायता करता था। रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर मिलने वाले शवों को उठाने से लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लावारिस लाशों के अंतिम निस्तारण तक का काम वह करता था। रेलवे और पुलिस महकमे में उसकी अलग पहचान थी। एनर्जी ड्रिंक’ के दावों पर एफएसएसएआई सख्त, कई बेवरेज ब्रांड्स को नोटिस जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से पैसेंजर ट्रेन से मैरवा गया था। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करने के क्रम में डाउन लाइन पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना, स्टेशन पर लगा विशाल भंडारा घटना की सूचना स्थानीय व्यक्ति प्रमोद कुमार राम कांटा वाला ने मैरवा स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया गया। विडंबना यह रही कि जो व्यक्ति वर्षों तक दूसरों के शवों को ट्रैक से उठाता रहा, आखिरकार उसकी जिंदगी भी उसी रेलवे ट्रैक पर खत्म हो गई। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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सीवान, 22 मई (हि.स.)। सीवान जंक्शन और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली लावारिस लाशों को उठाने वाला भोला कुमार शुक्रवार की सुबह खुद ट्रेन हादसे का शिकार हो गया।
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मैरवा स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जाता है कि भोला कुमार लंबे समय से सीवान जीआरपी थाना की सहायता करता था। रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर मिलने वाले शवों को उठाने से लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लावारिस लाशों के अंतिम निस्तारण तक का काम वह करता था। रेलवे और पुलिस महकमे में उसकी अलग पहचान थी।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से पैसेंजर ट्रेन से मैरवा गया था। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करने के क्रम में डाउन लाइन पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना स्थानीय व्यक्ति प्रमोद कुमार राम कांटा वाला ने मैरवा स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया गया।
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विडंबना यह रही कि जो व्यक्ति वर्षों तक दूसरों के शवों को ट्रैक से उठाता रहा, आखिरकार उसकी जिंदगी भी उसी रेलवे ट्रैक पर खत्म हो गई। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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