सीवान, 22 मई (हि.स.)। सीवान जंक्शन और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली लावारिस लाशों को उठाने वाला भोला कुमार शुक्रवार की सुबह खुद ट्रेन हादसे का शिकार हो गया। मैरवा स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। मोदी सरकार के 12 वर्ष : योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा : राम कृपाल यादव बताया जाता है कि भोला कुमार लंबे समय से सीवान जीआरपी थाना की सहायता करता था। रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर मिलने वाले शवों को उठाने से लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लावारिस लाशों के अंतिम निस्तारण तक का काम वह करता था। रेलवे और पुलिस महकमे में उसकी अलग पहचान थी। संकल्प मजबूत हो तो बंद आँखें भी दिखा सकती हैं विकास का मार्ग: राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से पैसेंजर ट्रेन से मैरवा गया था। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करने के क्रम में डाउन लाइन पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तनिष्क छपरा में मैथली कलेक्शन का नया शुभारंभ, आकर्षक बैंगल और चैन की शानदार रेंज उपलब्ध घटना की सूचना स्थानीय व्यक्ति प्रमोद कुमार राम कांटा वाला ने मैरवा स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया गया। विडंबना यह रही कि जो व्यक्ति वर्षों तक दूसरों के शवों को ट्रैक से उठाता रहा, आखिरकार उसकी जिंदगी भी उसी रेलवे ट्रैक पर खत्म हो गई। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
खबर सुनें
▶ Press play to listen
⚠️ आपका ब्राउज़र Text-to-Speech को सपोर्ट नहीं करता।
सीवान, 22 मई (हि.स.)। सीवान जंक्शन और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली लावारिस लाशों को उठाने वाला भोला कुमार शुक्रवार की सुबह खुद ट्रेन हादसे का शिकार हो गया।
विज्ञापन
मैरवा स्टेशन के समीप ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जाता है कि भोला कुमार लंबे समय से सीवान जीआरपी थाना की सहायता करता था। रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर मिलने वाले शवों को उठाने से लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लावारिस लाशों के अंतिम निस्तारण तक का काम वह करता था। रेलवे और पुलिस महकमे में उसकी अलग पहचान थी।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह वह किसी काम से पैसेंजर ट्रेन से मैरवा गया था। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करने के क्रम में डाउन लाइन पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना स्थानीय व्यक्ति प्रमोद कुमार राम कांटा वाला ने मैरवा स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर अस्पताल भेज दिया गया।
विडंबना यह रही कि जो व्यक्ति वर्षों तक दूसरों के शवों को ट्रैक से उठाता रहा, आखिरकार उसकी जिंदगी भी उसी रेलवे ट्रैक पर खत्म हो गई। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।भौगोलिक संदर्भ