बिहार दिवस पर विशेष: हमें गर्व है की हम बिहारी है

बिहार दिवस पर विशेष: हमें गर्व है की हम बिहारी है

(अमन कुमार)

बिहार जिसे पूर्व में मगध के नाम से जाना जाता था.1912 में बंगाल के विभाजन के समय अस्तित्व में आया बिहार भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपनी सांस्कृतिक छटा के लिए बखूबी जाना जाता है. बिहार भारत के इतिहास में साहित्यिक, ऐतिहासिक, धार्मिक सभी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता आया है और आज भी बिहार शिक्षा, संस्कृति और समाजिक दृष्टि से उतना ही समृद्ध है जितना पहले था और इनहीं सांस्कृतिक विरासत को संजोए आज का बिहार दुनिया के सामने गर्व से सीना ताने खड़ा है.

ये वही बिहार है जहां दुनिया के पहले लोकतंत्र की स्थापना लिच्छवी गणराज्य के रूप में हुई थी. यूँ कहें तो हमारे इस राज्य को महापुरुषों की भूमि भी कही जाती है. यहां मौर्य, गुप्त आदि राजवंशो ने राज किया. प्राचीन काल से ही यहाँ कि धरती पर ऐसे लोगों ने जन्म लिया है जिनकी सोंच, कार्यों और विचारों ने शुरू से ही पूरी दुनिया को अपना ध्यान इसकी पावन की ओर आकृष्ट करने पर मजबूर कर दिया था. महान वैज्ञानिक व खगोलशास्त्री आर्यभट का जन्म बिहार में ही हुआ था.

बात अगर भगवान बुद्ध की हो तो उन्होंने ने भी अपने जीवनकाल में बिहार की धरती पर ही ज्ञान प्राप्त किया था. चाणक्य को कौन भूल सकता है जिनके विचारों और कर्तव्यों का सभी अनुसरण करते हैं.

दुनिया का पहला विश्वविद्यालय नालंदा विश्वविद्यालय भी बिहार में ही था जहां देश विदेश के छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे. ये वो पवन धरती है जहां के मैदानों से गंगा, बागमती, कोसी, गंडक, घाघरा, सोन जैसी नदियाँ भूमि को सींचते हुए आगे बढती हैं.

देश को दशरथ मांझी जैसे माउंटेन मैन जैसे बेहद मेहनती लोग भी बिहार ने ही दिए है. जिन्होंने अपनी जुनूनियत के दम पर अपनी पूरी ज़िन्दगी पहाड़ तोड़ रास्ता बानाने में लगा दिया. और पूरी दुनिया के सामने अपनी बाजू के ताकत का लोहा मनवाया था.

भाषाओं में विविधता रखने वाले इस राज्य में कई भाषाएँ बोली जाती हैं- मैथली, मगही, और सबसे मशहूर भोजपुरी जो पूरे देश में मशहूर है. भोजपुरी बिहारियों कि पहचान है. आज बिहारी पूरे दुनिया में अपने कार्य कुशल के दम पर आगे बढ़ रहे हैं और अपने राज्य का नाम रौशन कर रहे. ये वो राज्य है जिसने पिछले दशकों से देश के विकाश में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह जानकर आश्चर्य होता है कि देश को हर साल सबसे ज्यादा IAS बिहार से ही होते हैं.

सबसे बड़ी बात हमें अपने बिहारी होने पर गर्व होता है.

यह लेखक के अपने विचार है.

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