पटना, 26 मई (हि.स.)। बिहार पुलिस मुख्यालय की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को अपराध नियंत्रण के अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के कुख्यात और मोस्ट वांटेड अपराधी सोनू कुमार को गोपालगंज से गिरफ्तार कर लिया है। यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी गोपालगंज जिले के सदर थाना क्षेत्र में की गई एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान हुई। पुलिस और एसटीएफ की टीमें लंबे समय से इस शातिर अपराधी की तलाश में जुटी थीं, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। एसटीएफ की विशेष खुफिया इकाई को हाल ही में एक ठोस इनपुट मिला था कि मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र का एक वांछित अपराधी गोपालगंज जिले में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने तुरंत एक विशेष ऑपरेशन की योजना तैयार की। योजना के तहत एसटीएफ के जवानों ने गोपालगंज के सदर थाना क्षेत्र के संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की और जाल बिछाया। इसके बाद अत्यंत सतर्कता और सुनियोजित तरीके से छापेमारी करते हुए आरोपित सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन जवानों ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। आज का पंचांग | शुद्ध ज्येष्ठ शुक्लपक्ष प्रतिपदा गिरफ्तार आरोपित सोनू कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नवानगर निजामत गांव का निवासी है। उसके पिता का नाम धर्मेंद्र पांडेय है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनू कुमार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना कांड संख्या 516/21 (दिनांक 18.11.2021) में मुख्य नामजद आरोपी था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 394 (लूट के दौरान चोट पहुंचाना), 307 (हत्या का प्रयास) और 34 (समान मंशा) के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2021 में दर्ज इस मामले के बाद से ही वह पुलिस से बचता रहा और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान वह विभिन्न जिलों और राज्यों में छिपकर रह रहा था। Bihar: सीवान में करंट की चपेट में आए लोग, कई झुलसे आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाने में हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें वह लंबे समय से वांछित था। गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और डेटा की जांच से उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जबकि मोटरसाइकिल का उपयोग वह अपराध और फरारी के दौरान करता था। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने राहत की सांस ली है। फिलहाल मुजफ्फरपुर और गोपालगंज पुलिस की संयुक्त टीम आरोपित से कड़ी पूछताछ कर रही है। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद एसटीएफ ने उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाने को सौंप दिया है। ‘धमाल 4’ का पहला गाना ‘चटनी’ रिलीज, मस्ती भरे अंदाज में नजर आए सितारे पुलिस ने बताया कि आरोपित को अदालत में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी भी कर रही है ताकि पुराने मामलों में आगे की तफ्तीश की जा सके।
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पटना, 26 मई (हि.स.)। बिहार पुलिस मुख्यालय की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को अपराध नियंत्रण के अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के कुख्यात और मोस्ट वांटेड अपराधी सोनू कुमार को गोपालगंज से गिरफ्तार कर लिया है।
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यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी गोपालगंज जिले के सदर थाना क्षेत्र में की गई एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान हुई। पुलिस और एसटीएफ की टीमें लंबे समय से इस शातिर अपराधी की तलाश में जुटी थीं, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
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एसटीएफ की विशेष खुफिया इकाई को हाल ही में एक ठोस इनपुट मिला था कि मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र का एक वांछित अपराधी गोपालगंज जिले में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने तुरंत एक विशेष ऑपरेशन की योजना तैयार की।
योजना के तहत एसटीएफ के जवानों ने गोपालगंज के सदर थाना क्षेत्र के संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की और जाल बिछाया। इसके बाद अत्यंत सतर्कता और सुनियोजित तरीके से छापेमारी करते हुए आरोपित सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन जवानों ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपित सोनू कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नवानगर निजामत गांव का निवासी है। उसके पिता का नाम धर्मेंद्र पांडेय है।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनू कुमार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना कांड संख्या 516/21 (दिनांक 18.11.2021) में मुख्य नामजद आरोपी था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 394 (लूट के दौरान चोट पहुंचाना), 307 (हत्या का प्रयास) और 34 (समान मंशा) के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2021 में दर्ज इस मामले के बाद से ही वह पुलिस से बचता रहा और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान वह विभिन्न जिलों और राज्यों में छिपकर रह रहा था।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाने में हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें वह लंबे समय से वांछित था।
गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और डेटा की जांच से उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जबकि मोटरसाइकिल का उपयोग वह अपराध और फरारी के दौरान करता था।
इस गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने राहत की सांस ली है। फिलहाल मुजफ्फरपुर और गोपालगंज पुलिस की संयुक्त टीम आरोपित से कड़ी पूछताछ कर रही है। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद एसटीएफ ने उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाने को सौंप दिया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपित को अदालत में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी भी कर रही है ताकि पुराने मामलों में आगे की तफ्तीश की जा सके।
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