गोपालगंज, 08 जून (हि.स.)। बिहार के चर्चित वायरल वीडियो मामले में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों आरोपितों सहित मामले में नामजद अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी। बिहार कैबिनेट ने ज़मीन मापी शुल्क में बढ़ोतरी समेत कुल 25 प्रस्तावों को दी मंज़ूरी सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विधायक अनंत सिंह की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय को बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा जिस वायरल वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की बात कही गई थी, उसकी रिपोर्ट अभी तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई है। बचाव पक्ष का कहना था कि फोरेंसिक रिपोर्ट के अभाव में मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि नहीं हो पाई है और जांच की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष से मामले की जांच की प्रगति, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी मांगी। इस पर अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में बिहार सरकार से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जाएंगे तथा फोरेंसिक जांच से जुड़ी रिपोर्ट भी शीघ्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। खान ग्लोबल स्टडीज़ फायरिंग मामले में खान सर ने दायर की अग्रिम ज़मानत याचिका,मंगलवार को सुनवाई अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक के अनुसार, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जून की तिथि निर्धारित की है। साथ ही अनंत सिंह, गुंजन सिंह और अन्य आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी उसी तिथि तक बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अगली सुनवाई तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होगी और उन्हें पूर्व में मिली अंतरिम राहत जारी रहेगी। दरअसल, यह मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित सेमराव गांव में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन किया गया था और कथित रूप से अश्लील गीतों का प्रसारण भी हुआ था। दो मई को कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विधायक अनंत सिंह, गायक गुंजन सिंह तथा कई अन्य लोगों को आरोपित बनाया। बिहार विधान परिषद चुनाव: राजग के सभी नौ उम्मीदवारों ने भरा नामांकन वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई थी। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले की जांच को प्राथमिकता दी और आगे की कार्रवाई शुरू की। मामले की संवेदनशीलता और सार्वजनिक महत्व को देखते हुए इसकी जांच बाद में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई। सीआईडी फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई गई गतिविधियों, कार्यक्रम के आयोजन की परिस्थितियों तथा आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। अब इस मामले में 15 जून को होने वाली अगली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच की प्रगति के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
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गोपालगंज, 08 जून (हि.स.)। बिहार के चर्चित वायरल वीडियो मामले में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों आरोपितों सहित मामले में नामजद अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विधायक अनंत सिंह की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय को बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा जिस वायरल वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की बात कही गई थी, उसकी रिपोर्ट अभी तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई है। बचाव पक्ष का कहना था कि फोरेंसिक रिपोर्ट के अभाव में मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि नहीं हो पाई है और जांच की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष से मामले की जांच की प्रगति, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी मांगी। इस पर अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में बिहार सरकार से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जाएंगे तथा फोरेंसिक जांच से जुड़ी रिपोर्ट भी शीघ्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक के अनुसार, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जून की तिथि निर्धारित की है। साथ ही अनंत सिंह, गुंजन सिंह और अन्य आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी पर लगी रोक को भी उसी तिथि तक बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अगली सुनवाई तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होगी और उन्हें पूर्व में मिली अंतरिम राहत जारी रहेगी।
दरअसल, यह मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित सेमराव गांव में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन किया गया था और कथित रूप से अश्लील गीतों का प्रसारण भी हुआ था। दो मई को कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विधायक अनंत सिंह, गायक गुंजन सिंह तथा कई अन्य लोगों को आरोपित बनाया।
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई थी। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले की जांच को प्राथमिकता दी और आगे की कार्रवाई शुरू की।
मामले की संवेदनशीलता और सार्वजनिक महत्व को देखते हुए इसकी जांच बाद में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई। सीआईडी फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई गई गतिविधियों, कार्यक्रम के आयोजन की परिस्थितियों तथा आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
अब इस मामले में 15 जून को होने वाली अगली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच की प्रगति के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
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