Patna: सोनपुर प्लानिंग एरिया के समग्र एवं एकीकृत विकास को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय बैठक आयोजित हुई
। बैठक में सारण सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी के साथ मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित नागरिक विमानन सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे, पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार, पथ निर्माण विभाग सचिव पंकज कुमार पाल, जल संसाधन के सचिव चंद्रशेखर सिंह, खेल सचिव दीपक आनंद, जिलाधिकारी छपरा वैभव श्रीवास्तव, सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के निदेशक अमन समीर व केंद्रीय जल आयोग के निदेशक अतुल कुमार के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, आपदा प्रबंधन तथा जल शक्ति मंत्रालय से संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) प्रस्तुत किया।
बैठक में सोनपुर आयोजना क्षेत्र के आगामी 50 वर्षों के विकास और सुचारू पेयजल आपूर्ति जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी व्यापक मंथन हुआ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रूडी ने कहा कि सोनपुर आज बिहार के सबसे महत्वपूर्ण उभरते विकास क्षेत्रों में है। एक ओर यह पटना के निकट होने के कारण शहरी विस्तार की स्वाभाविक संभावना रखता है, वहीं दूसरी ओर गंगा नदी पर जेपी सेतु, नया सिक्स लेन सेतु, शेरपुर-दिघवारा पुल सहित सड़क और रेल संपर्क, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तथा बाबा हरिहरनाथ मंदिर और सोनपुर मेले जैसी सांस्कृतिक-पर्यटन विरासत इसे विशिष्ट बनाती है। ऐसे में अलग-अलग परियोजनाओं को अलग-अलग देखने के बजाय एयरपोर्ट, सड़क, पुल, टाउनशिप, उद्योग, पर्यटन और जल प्रबंधन को एक साझा मास्टर प्लान के तहत विकसित करना आवश्यक है।
बैठक में अधिकारियों से प्रत्येक क्षेत्र की प्रस्तावित योजनाओं, वर्तमान स्थिति, आवश्यक स्वीकृतियों और आपसी निर्भरता की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाने का उद्देश्य सोनपुर के विकास से जुड़े विषयों पर त्वरित निर्णय और प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सोनपुर को पटना के विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि अपनी स्वतंत्र पहचान वाले आधुनिक, नियोजित, आर्थिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक संभावना है।



















