Chhapra: विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आचार्य वार्षिक कार्यशाला का आज समापन हुआ।
तीन दिवसीय कार्यशाला के प्रथम सत्र का उद्घाटन विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव एवं प्रधानाचार्य विनोद कुमार के द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ।
विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम ने संबोधित करते हुए कहा कि हम शिक्षकों को विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण करना, संस्कारित करना तथा हुनर योग्य बनाने की जिम्मेदारी का अभ्यास करते रहने की आवश्यकता है।
तृतीय सत्र को प्रो० डॉ अमरनाथ प्रसाद (अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति एवं अंग्रेजी विभागाध्यक्ष, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा ) ने शिक्षण कौशल पर प्रकाश डाला।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार द्वारा आचार्य बंधु भगिनी के साथ तीन दिनों तक विद्यालय व्यवस्था, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं विज्ञान को अध्यात्म एवं समाज से जोड़ने के कार्यों एवं शैक्षणिक कार्यों को डिजिटलाइजेशन तथा अन्य कार्यों पर मंथन करते हुए वार्षिक योजना तैयार किया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम शिक्षकों को कक्षा कक्ष में जाने के पहले पाठ योजना अवश्य तैयार करके अपने साथ टॉपिक से संबंधित चार्ट/ टीएलएम /प्रोजेक्ट /अन्य शिक्षण सामग्री को ले जाना अति आवश्यक है। ताकि बच्चों का मस्तिष्क मनोवैज्ञानिक से तर्कात्मक विकास की ओर अग्रसर हो सके। अंत में शांति मंत्र के द्वारा तीन दिवसीय आचार्य वार्षिक कार्यशाला का समापन हो गया।
इस अवसर पर विद्यालय के मीडिया प्रभारी अनिल कुमार आजाद उपस्थित थे। विद्यालय के आचार्य बंधु, भगिनी राजेश पाठक, राजेश कुमार, मणि भूषण, आशुतोष चौधरी, जयप्रकाश द्विवेदी, पंकज कुमार, दिलीप पति, दर्शना सिंह, रिचा गुप्ता, नीलू, प्राची, गीतांजलि, स्वाति अन्य आचार्य बंधु भगिनी एवं सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
















