Chhapra: सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। 7 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे तक प्राप्त बाढ़ दैनिक स्थिति प्रतिवेदन के अनुसार जिले के आठ प्रखंडों के 39 पंचायत एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के 121 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में कुल 2,37,152 की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित आबादी में से 1,200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निष्क्रमित किया गया है।
198 नावों का परिचालन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 198 नावों का परिचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित क्षेत्रों तक तत्काल पहुंचाने के लिए 6 बोट एंबुलेंस और 26 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल टीमों के माध्यम से भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब तक 2,449 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा बीमार एवं जरूरतमंद लोगों को आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए जिले में दो बाढ़ आश्रय स्थल भी कार्यरत हैं।
17 सामुदायिक रसोई में 24 हजार से अधिक लोगों को भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 17 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 24,340 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त प्रभावित लोगों के बीच 8,945 खाद्य एवं सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों को भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन द्वारा राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है।
678 पशुओं को मिला आश्रय
बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में आठ पशु आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 678 पशुओं को आश्रय दिया गया है।
पशु आश्रय स्थलों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल, उपचार तथा पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आवश्यक पशु दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
12 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट वितरित
बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 12,147 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों को प्रभावित इलाकों में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की पूरी टीम बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ-साथ उनके पशुधन की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार सक्रिय है।



















