Chhapra: सारण जिले में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार की देर रात से गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर में अचानक तेज वृद्धि शुरू हुई, जो शनिवार की शाम तक जारी रही।
लगातार बढ़ते जलस्तर ने दियारा और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के तेवर को देखते हुए ग्रामीणों को अब वर्ष 2016 की विनाशकारी बाढ़ का रिकॉर्ड दोहराने अथवा उसके पार जाने की आशंका सताने लगी है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान जलस्तर वर्ष 2016 में दर्ज किए गए उच्चतम स्तर से महज करीब पांच सेंटीमीटर नीचे है। जिस तेजी से नदियों का पानी बढ़ रहा है, उससे लोगों को आशंका है कि इस बार पुराना रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई स्थानों पर आवागमन तथा जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
बाढ़ के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दियारा क्षेत्र की रायपुर विन्दगावां, कोटवापट्टीरामपुर और बड़हरा महाजी पंचायतों में सूखा राशन वितरण शुरू कर दिया गया है।
राहत सामग्री मिलने से प्रभावित परिवारों को तत्काल कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
ग्रामीणों की निगाह अब नदी के जलस्तर पर टिकी है। हर घंटे बढ़ता पानी संभावित बड़े संकट की दस्तक दे रहा है।



















