पोषण सेमिनार के साथ शुरू हुआ पोषण माह अभियान, 5 मंत्रों से सुपोषित होगा सारण

पोषण सेमिनार के साथ शुरू हुआ पोषण माह अभियान, 5 मंत्रों से सुपोषित होगा सारण

• जिलाधिकारी ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
• पदाधिकारियों-कर्मियों व सेविका-सहायिकाओं को दिलायी गयी शपथ
• गीत व नाटक के माध्यम से किया गया जागरूक


Chhapra: राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत शहर के एकता भवन में आईसीडीएस की ओर से पोषण सेमिनार का आयोजन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, डीडीसी डॉ. आदित्य प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि सारण को सुपोषित बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के पांच मंत्र तैयार किये गये है। 5 मंत्रों से सारण को कुपोषण मुक्त किया जायेगा। इसके लिए आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग समेत नौ विभागों के द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहें हैं। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि कुपोषण पर लगाम लगाने के लिए पोषण सूत्र बताए गए हैं। जिसमें पहले 1000 दिनों का फर्मूला है उसे पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुधार की संभावना है। बच्चों को नियमित टीकारण, गर्भवती महिलाओं की जांच, प्रसव पूर्व व प्रसव के बाद काउंसलिंग, साफ-सफाई आदि कार्यों बेहतर ढंग से करने की आवश्यकता है। इसके लिए समुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस अवसर सिविल सर्जन डा. माधवेश्वर झा, डीपीओ वंदना पांडेय, डीपीएम धीरज कुमार, केयर इंडिया के डीटीओ प्रणव कुमार कमल समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।
सेविका-सहायिकाओं को दिलायी गयी शपथ
जिलाधिकारी ने वहां मौजूद सभी पदाधिकारियों-कर्मियों व सेविका-सहायिकाओं को शपथ भी दिलाई । सभी ने शपथ लिया कि- आज मैं भारत के बच्चों, किशोरों व महिलाओं को कुपोषण मुक्त स्वस्थ्य व मजबूत करने का वचन देती हूं/देता हूँ। राष्ट्रीय पोषण माह अभियान के तहत घर घर सही पोषण का संदेश पहुंचाने का काम करूंगी। इन बातों की शपथ दिलाई गई। जिसमें सभी ने अभियान को सफल बनाने की शपथ ली।

गोद भराई कार्यक्रम का हुआ आयोजन
इस दौरान गर्भवती महिलाओं का गोदभराई रस्म का आयोजन किया गया। सदर सीडीपीओ कुमारी उर्वशी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्र पर बुलाकर उसको डलिया भेंट सामग्री भेंट की जाती है। परंपरा के मुताबिक मौसमी फल, नारियल, अंकुरित अनाज, गुड़, भूना दिया गया। कार्यक्रम के दौरान चुनरी ओढ़ाकर परम्परागत तौर से टीका लगा कर महिला की गोदभराई की रसम पूरी हुई।

पांच मंत्रों के पालन से सुपोषित होगा सारण
डीडीसी डॉ. आदित्य प्रकाश ने सुपोषण के पांच सूत्रों के बारे में बताते हुए कहा कि शिशु जन्म के एक घंटे के भीतर माँ का पीला दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अगले 6 माह तक केवल माँ का दूध बच्चे को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखता है। इस दौरान स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की काफी जरूरत होती है। गर्भवती माता, किशोरियाँ एवं बच्चों में अनीमिया की रोकथाम जरूरी है। गर्भवती महिला को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली जरूर खानी चाहिए। साफ-सफाई एवं स्वच्छ भोजन डायरिया से बचाव करता है।
नाटक व गीत के माध्यम से किया जागरूक
कार्यक्रम दौरान दलित ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के कलाकारों के द्वारा गीत-संगीत व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कुपोषण से बचाव के लिए जागरूक किया गया तथा पोषण के महत्व के बारे में बताया गया।

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