संस्कार भारती ने मोकामा स्टेशन को क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी को समर्पित करने की मांग की

कोलकाता, 02 मई (हि.स.)। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अविभाजित बंगाल के प्रथम आत्म-बलिदान नायक प्रफुल्ल चाकी थे। संस्कार भारती एवं भारतीय संग्रहालय, कोलकाता ने गुरुवार को उनकी पुण्यतिथि पर एक विशेष परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बीर विप्लवी प्रफुल्ल चाकी नामक एक डॉक्यूमेंट्री रही, जिसे पहली बार बांग्ला भाषा में दिखाया गया था। इस दौरान संस्कार भारती ने मोकामा स्टेशन को क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी के नाम समर्पित करने की भी मांग की।

कार्यक्रम की शुरुआत में क्रांतिकारी के पोते सुब्रत चाकी ने “प्रफुल्ल चाकी – हुतात्मा बंगाली वीर” विषय पर अपनी बात रखी। वक्ता के रूप में भारतीय संग्रहालय के शिक्षा अधिकारी डॉ सायन भट्टाचार्य, जयंत पाल, सूचनात्मक फिल्म निर्माता सुमित घोष और अन्य उपस्थित रहे।

संस्कार भारती के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों और कविताओं के माध्यम से क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी को श्रद्धांजलि दी। मल्लिका रॉय ने कविता सुनाई। संस्कार भारती पश्चिम बंगाल के महासचिव तिलक सेनगुप्ता ने चर्चा की शुरुआत में अपने स्वागत भाषण में कहा कि संस्कार भारती प्रफुल्ल चाकी को समर्पित मोकामा स्टेशन का नामकरण प्रफुल्ल चाकी के नाम पर रखने की मांग करता है। संस्कार भारती इसके लिए आवश्यक पहल करेगा।

संस्कार भारती पश्चिम बंगाल के महासचिव तिलक सेनगुप्ता ने कहा कि संस्कार भारती संगीत, नृत्य और नाटक जैसी फिल्मों के साथ अपना काम जारी रखे हुए है। संस्कार भारती पश्चिम बंगाल क्षेत्र के उपाध्यक्ष सुभाष भट्टाचार्य ने दिन के कार्यक्रम का संचालन किया।

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