Apr 24, 2018 - Tue
Chhapra, India
28°C
Wind 1 m/s, SSW
Humidity 39%
Pressure 753.81 mmHg

24 Apr 2018      

Home देश

नई दिल्ली: समृद्ध भारतीय संस्कृति के अनमोल रत्न सत्य और अहिंसा पर अवलम्बित विश्व व्यापी जैन धर्म के कार्यक्रम ‘‘संयम स्वर्ण महोत्सव’’ में केन्द्रीय मंत्री श्री राजीव प्रताप रुडी की विशेष सक्रिय सहभागिता रही. छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में श्री रुडी ने शिरकत किया.

छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री डा रमन सिंह जी के साथ विश्व शांति और देश की प्रगति के लिए उन्होने जैन तीर्थंकर से प्रार्थना की और जैन मुनि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया.

इस दौरान उन्होने कहा कि जैन धर्म सत्य और अहिंसा पर सबसे ज्यादा बल देता है और यही भारतीय संस्कृति का मूल आधार भी है.विश्व में भारत की जो बेहतर छवि पहले थी और जो बेहतरीन छवि अब हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बन रही है वह भी हमारे सत्य और अहिंसा पर ही आधारित है.

बताते चलें कि वर्तमान समय में जैन समाज के सबसे बड़े गुरू आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षा के 50 वर्ष प्रारंभ होने पर छत्तीसगढ़ में डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी जैन तीर्थ स्थान पर 28 जून से 30 जून, 2017 तक ‘‘संयम स्वर्ण महोत्सव’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इसी कार्यक्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री डा रमन सिंह के साथ केन्द्रीय मंत्री श्री रुडी ने शिरकत की और आचार्य से आशिर्वाद प्राप्त किया.

इस दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री रुडी ने कहा कि भारतीय संस्कृति करूणा, दया और अहिंसा का संदेश देती है. भारत देश की माटी के कण-कण में और भारतीय नागरिकों के रग-रग में करूणा घुली हुई है. यहां राम, महावीर, कृष्ण, बुद्ध और विवेकानंद जैसे अनेक महापुरूषों ने देश में अहिंसा का संदेश जगा कर करूणा दया घोली है.

उन्होने कहा कि किसी को प्रताड़ित करना तो पाप है परन्तु अकारण प्रताड़ित होना भी पाप ही है. यही हमारे जैन तीर्थंकर ने भी कहा है. संस्कार बिगड़ने से संस्कृति बिगड़ जाती है.

उन्होने कहा कि जैन मुनियों की बात करें तो हमें सबसे पहले आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का नाम याद आता है. विद्यासागर जी महाराज आज के समय में जैन समाज के सबसे बड़े गुरू हैं.आचार्य देश-विदेश में शांति के लिए कार्य करते हैं.

उन्होंने कहा कि आचार्य जी को उनके तप के लिए जाना जाता है. उन्हे जैन धर्म के लोगों के साथ हीं अन्य धर्म के लोग भी आस्था और विश्वास के साथ पूजते है.श्री रुडी ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि इस कार्यक्रम में सहभागिता का सुअवसर प्राप्त हुआ जिस कारण आज मुझे महाराज जी का सानिध्य मिला.

श्री रुडी ने परम पूज्य गुरू आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को बिहार की धरती पर भी पदार्पण करने का निवेदन किया.

(Visited 128 times, 1 visits today)

Comments are closed.

error: Content is protected !!