बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा इन दिनों अपने पारिवारिक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में सुनीता ने आरोप लगाया था कि गोविंदा ने अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के करियर को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। अब अभिनेता ने इन दावों पर चुप्पी तोड़ते हुए अपनी बात सामने रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके फैसले हमेशा परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए। जनगणना प्री टेस्ट: डीसीओ ट्रेनर्स ने क्षेत्र में कराया स्व-गणना, छ्ह जुलाई से प्रगणक व पर्यवेक्षक करेंगे पूर्व परिक्षण “बच्चों को न झेलना पड़े मेरी दुनिया का दबाव”: गोविंदा मीडिया से बातचीत में गोविंदा ने कहा, “जिस समय मैं राजनीति से बाहर निकला, तब मैंने सोचा कि प्रतिस्पर्धा, द्वेष और ईर्ष्या जैसी चीज़ों का असर मेरे बच्चों पर न पड़े। खासकर उनके भविष्य को देखते हुए मैंने दूरी बनाना बेहतर समझा।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने निर्माता साजिद नाडियाडवाला से बेटे यशवर्धन का मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया था। गोविंदा के मुताबिक, नाडियाडवाला ने यशवर्धन को फिल्म निर्माण की बारीकियां समझने और इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली सीखने में मदद की। एनर्जी ड्रिंक’ के दावों पर एफएसएसएआई सख्त, कई बेवरेज ब्रांड्स को नोटिस सुनीता ने क्या कहा था? इससे पहले दिए इंटरव्यू में सुनीता आहूजा ने कहा था कि गोविंदा ने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त समर्थन नहीं दिया। उन्होंने बताया था कि यशवर्धन ने अब तक करीब 90 ऑडिशन दिए हैं, लेकिन उसे वह पहचान नहीं मिल पाई जिसकी उन्हें उम्मीद थी। सुनीता ने यह भी कहा था कि उन्होंने बेटे को अपने पिता के रास्ते पर चलने की सलाह दी, मगर गोविंदा का रवैया उन्हें समझ नहीं आता। अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना, स्टेशन पर लगा विशाल भंडारा परिवार के भीतर आए इन बयानों ने इंडस्ट्री और फैंस के बीच चर्चा छेड़ दी है, वहीं गोविंदा की सफाई के बाद अब नजरें इस बात पर हैं कि यशवर्धन का बॉलीवुड सफर आगे किस दिशा में बढ़ता है।
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बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा इन दिनों अपने पारिवारिक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में सुनीता ने आरोप लगाया था कि गोविंदा ने अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के करियर को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। अब अभिनेता ने इन दावों पर चुप्पी तोड़ते हुए अपनी बात सामने रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके फैसले हमेशा परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए।
“बच्चों को न झेलना पड़े मेरी दुनिया का दबाव”: गोविंदा
मीडिया से बातचीत में गोविंदा ने कहा, “जिस समय मैं राजनीति से बाहर निकला, तब मैंने सोचा कि प्रतिस्पर्धा, द्वेष और ईर्ष्या जैसी चीज़ों का असर मेरे बच्चों पर न पड़े। खासकर उनके भविष्य को देखते हुए मैंने दूरी बनाना बेहतर समझा।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने निर्माता साजिद नाडियाडवाला से बेटे यशवर्धन का मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया था। गोविंदा के मुताबिक, नाडियाडवाला ने यशवर्धन को फिल्म निर्माण की बारीकियां समझने और इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली सीखने में मदद की।
इससे पहले दिए इंटरव्यू में सुनीता आहूजा ने कहा था कि गोविंदा ने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त समर्थन नहीं दिया। उन्होंने बताया था कि यशवर्धन ने अब तक करीब 90 ऑडिशन दिए हैं, लेकिन उसे वह पहचान नहीं मिल पाई जिसकी उन्हें उम्मीद थी। सुनीता ने यह भी कहा था कि उन्होंने बेटे को अपने पिता के रास्ते पर चलने की सलाह दी, मगर गोविंदा का रवैया उन्हें समझ नहीं आता।
परिवार के भीतर आए इन बयानों ने इंडस्ट्री और फैंस के बीच चर्चा छेड़ दी है, वहीं गोविंदा की सफाई के बाद अब नजरें इस बात पर हैं कि यशवर्धन का बॉलीवुड सफर आगे किस दिशा में बढ़ता है।
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