Chhapra: जयप्रकाश विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र अंतर्गत विश्वविद्यालय मुख्यालय में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में विश्वविद्यालय मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न अंगीभूत एवं अल्पसंख्यक महाविद्यालयों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई।
कार्यक्रम के तहत सुबह 10:30 बजे विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से प्रशासनिक भवन तक कर्मचारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पैदल मार्च निकाला। इस दौरान “कर्मचारी एकता जिंदाबाद”, “हमारा हक हमें दो”, “संघर्ष ही समाधान है” और “प्रोन्नति हमारा अधिकार है” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
धरना को संबोधित करते हुए प्रक्षेत्रीय सचिव अभिषेक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने वरीयता सूची निर्माण, वर्षों से लंबित सामूहिक प्रोन्नति, वर्ष 2009 एवं उससे पूर्व प्रोन्नत कर्मचारियों को प्रोन्नति अनुरूप वेतन भुगतान, दैनिक वेतनभोगी एवं आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण तथा रिक्त पदों पर नियुक्ति जैसे मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो महासंघ आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महासंघ के संयुक्त मंत्री इंद्र कुमार दास ने कहा कि कर्मचारियों के धैर्य की लगातार परीक्षा ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।
वक्ताओं में अविनाश सिंह, विवेक कुमार सिंह, अमित कुमार, राय रणविजय देव ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से सकारात्मक पहल करने की मांग की।
प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष हरिहर मोहन ने कहा कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं।
धरना-प्रदर्शन में विभिन्न महाविद्यालयों से आए कर्मचारियों की भागीदारी रही। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जय प्रकाश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव प्रो० (डॉ०) अच्युतानंद सिंह एवं अध्यक्ष प्रो० (डॉ०) रविंद्र सिंह सहित कई वक्ताओं ने कर्मचारियों एवं छात्रों की समस्याओं पर प्रकाश डाला।





















