Chhapra: राज्य के विकास कार्यों को गति देने वाले संवेदकों में लंबित भुगतान को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है। छपरा में आयोजित प्रेस वार्ता में संवेदक संघ के प्रतिनिधियों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो पूरे बिहार में आंदोलन तेज किया जाएगा और सामूहिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान संवेदक संघ के प्रतिनिधि अजय सिंह ने कहा कि जिस प्रकार लोकतंत्र के चार स्तंभ माने जाते हैं, उसी तरह विकास कार्यों के संचालन में संवेदक व्यवस्था को “पांचवां स्तंभ” माना जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यदि संवेदक कार्य बंद कर दें तो राज्य की विकास परियोजनाएं प्रभावित हो जाएंगी।
संघ के अनुसार राज्य में छोटे और बड़े सभी संवेदक भुगतान संकट से जूझ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि पिछले अक्टूबर महीने से ग्रामीण कार्य विभाग, भवन निर्माण विभाग, पीडब्ल्यूडी, आवास विभाग और नगर निगम सहित कई विभागों द्वारा कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया है और विपत्र लंबित पड़े हैं।
संवेदक संघ ने कहा कि यह मुद्दा केवल सारण जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के संवेदकों के सम्मान और अधिकार से जुड़ा विषय है। भुगतान नहीं मिलने के कारण कई संवेदकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
संघ ने सरकार से मांग की है कि सचिवालय में लंबित सभी विपत्रों का नियमानुसार तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा पटना सचिवालय और जिला मुख्यालयों के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन और अनशन किया जाएगा।
इस दौरान राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जेके सिंह, हरिमोहन सिंह गुड्डू, अमर सिंह, योगेंद्र प्रसाद यादव, रंजीत कुशवाहा, ललन कुमार, मिथिलेश सिंह, राजकुमार राय, राज भूषण, अभिषेक कुमार आदि संवेदक उपस्थित थें। संचालन मनोज कुमार सिंह ने किया।
एजेंसी इनपुट के साथ


















