Patna: बिहार विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औपचारिक रूप से बहुमत साबित कर दिया। सदन में पेश किए गए विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा का भरोसा जीत लिया।
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को नीतीश कुमार की जगह बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी की बपौती नहीं है। 14 करोड़ जनता के समर्थन और आशीर्वाद से मैं मुख्यमंत्री बना हूं।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता किसी एक परिवार या व्यक्ति की जागीर नहीं हो सकती।
ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) रखेगा सीधे निगरानी
प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) सीधे निगरानी करेगा। उन्होंने बिहार में लोक सेवा का अधिकार कानून, भूमि पोर्टल, ई-म्यूटेशन और ई-मैपिंग जैसी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने का भरोसा दिलाया।
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी जनहित घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अब सड़क दुर्घटना में मौत होने पर पीड़ित परिवार को कुल 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसमें 4 लाख रुपये बीमा कंपनी और 4 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। यह निर्णय विधायकों की मांग पर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के हित, सुशासन और सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी और बिहार के विकास को नई गति देगी।



















