पटना, 02 मई (हि.स.)। बिहार राज्य में चल रहे जनगणना के संबंध में शनिवार को जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार एवं पत्र सूचना कार्यालय, पटना द्वारा प्रेस वार्ता किया गया। प्रेस वार्ता में रंजिता, निदेशक, जनगणना कार्य, बिहार ने प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-गणना की प्रगति और आगे की तैयारी की जानकारी दी। निदेशक ने बिहारवासियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व-गणना में जनता का सहयोग राज्य को राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि अंतिम तिथि तक बिहारवासियों ने लगभग 47 लाख (46,82,284) स्व-गणना पूरी की है। निदेशक ने अवगत कराया कि आज से सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने-अपने आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में जाकर सीएमएमएस पोर्टल पर बनाई गई डिजिटल सीमाओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो उसे पर्यवेक्षक के माध्यम से चार्ज अधिकारी द्वारा ठीक किया जाएगा। तत्पश्चात सभी मकानों को क्रमांक दिया जाएगा और उसके बाद प्रत्येक मकान की गिनती, परिसंपत्तियों तथा सुविधाओं से संबंधित जानकारी एचएलओ ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। जिन परिवारों ने पहले ही स्व-गणना की है, उनके आईडी लेकर सत्यापन भी किया जाएगा। जेपीयू के पक्के मार्ग पर ताला, कीचड़ से गुजरने को मजबूर छात्र; आरएसए ने दी धान रोपाई आंदोलन की चेतावनी उन्होंने बताया कि सभी जिलों में निदेशालय के अधिकारियों को भेजा गया है जो स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्य की निगरानी और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है। निदेशक ने सभी राज्यवासियों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा सही- सही जानकारी उपलब्ध कराएँ। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी व्यक्तिगत सूचनाएँ जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। शिक्षकों से संवाद में डॉ. राहुल राज ने रखा शिक्षक हितों का एजेंडा नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है। यह स्पष्ट किया गया कि जनगणनाकर्मी किसी भी परिस्थिति में ओटीपी , बैंक विवरण, आधार, पैन की जानकारी अथवा किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं करते हैं। किसी भी शंका, शिकायत अथवा जानकारी के लिए जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रेस वार्ता में लौकिक पारख, उप-निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, पटना एवं संजीव कुमार साव, उप-निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय भी उपस्थित रहें। बिहार के सीवान में जाली नोट का बड़ा खुलासा: घर में चल रही थी ‘फर्जी करेंसी फैक्ट्री’, 5.45 लाख के नकली नोट जब्त
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पटना, 02 मई (हि.स.)। बिहार राज्य में चल रहे जनगणना के संबंध में शनिवार को जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार एवं पत्र सूचना कार्यालय, पटना द्वारा प्रेस वार्ता किया गया। प्रेस वार्ता में रंजिता, निदेशक, जनगणना कार्य, बिहार ने प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-गणना की प्रगति और आगे की तैयारी की जानकारी दी।
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निदेशक ने बिहारवासियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व-गणना में जनता का सहयोग राज्य को राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि अंतिम तिथि तक बिहारवासियों ने लगभग 47 लाख (46,82,284) स्व-गणना पूरी की है।
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निदेशक ने अवगत कराया कि आज से सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने-अपने आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में जाकर सीएमएमएस पोर्टल पर बनाई गई डिजिटल सीमाओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो उसे पर्यवेक्षक के माध्यम से चार्ज अधिकारी द्वारा ठीक किया जाएगा। तत्पश्चात सभी मकानों को क्रमांक दिया जाएगा और उसके बाद प्रत्येक मकान की गिनती, परिसंपत्तियों तथा सुविधाओं से संबंधित जानकारी एचएलओ ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। जिन परिवारों ने पहले ही स्व-गणना की है, उनके आईडी लेकर सत्यापन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में निदेशालय के अधिकारियों को भेजा गया है जो स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्य की निगरानी और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है।
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निदेशक ने सभी राज्यवासियों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा सही- सही जानकारी उपलब्ध कराएँ। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी व्यक्तिगत सूचनाएँ जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है। यह स्पष्ट किया गया कि जनगणनाकर्मी किसी भी परिस्थिति में ओटीपी , बैंक विवरण, आधार, पैन की जानकारी अथवा किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं करते हैं। किसी भी शंका, शिकायत अथवा जानकारी के लिए जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रेस वार्ता में लौकिक पारख, उप-निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, पटना एवं संजीव कुमार साव, उप-निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय भी उपस्थित रहें।
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