फेल होने के डर से छात्र ने किया सुसाइड, रिजल्ट में हुआ पास

भोपाल: 24 मई को जवाहर लाल नेहरू स्कूल के छात्र आयुष परिहार ने फेल होने के डर से आत्महत्या कर ली थी. सीबीएसई ने जब शनिवार को दसवीं की रिजल्ट की घोषित हुई तो पता चला कि वो स्कूल की मेरिट लिस्ट में शामिल है. आयुष को 10 में से 9 सीजीपीए मिले. उसके सभी विषय में 8 से लेकर 8.5 ग्रेड प्वाइंट हैं. आयुष के पिता वीरेंद्र सिंह परिहार भेल में सीनियर लैब असिस्टेंड हैं. उनका इकलौता बेट आयुष जवाहर स्कूल में दसवी का छात्र था. उसने 24 मई को फांसी लगा ली थी. उसके पास मिले सुसाइड नोट में परीक्षा में फेल होने के डर की बात लिखी थी, लेकिन शनिवार को जब उसका नतीजा मिला, तो परिवार का गम एक बार फिर हरा हो गया. उनका लाडला अच्छे नंबरों से पास हुआ था.

पास हुआ या फेल, हमें तो जिंदगी भर का गम दे गया

आयुष के पिता बेटे की अस्थियां विसर्जन करने इलाहाबाद गए हैं. शनिवार को आयुष के परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने की जानकारी मिलने पर कुछ लोगों ने उसके परिजनों से बात करने की कोशिश की. इस पर रुंधे गले और आंसू भरी आंखों से उसकी मां सिर्फ इतना बोल पाई. मेरा बेटा पास हुआ या फेल, हमें तो वह जिंदगी भर नहीं भूलने वाला गम दे गया.

आयुष ने ये लिखा था सुसाइड नोट में

मैं जानता हूं कि मैं गलत हूं. मैं अपनी असफलताओं से थक चुका हूं. हो सकता है कि मैं पढ़ाई में ठीक हूं, लेकिन मेरे फाइनल एग्जाम बड़े ही डरावने बीते हैं. मैं इसे आगे तक नहीं ले जा सकता. जानता हूं कि मैं एक अच्छा बेटा नहीं बन सका. आई लव यू मॉम, डैड. प्लीज मेरे जाने के बाद मत रोना. मैं किसी तरह से भी अच्छा नहीं हूं. गुड बाय…

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