Chhapra/Patna: भाजपा बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं शिक्षाविद् डॉ. राहुल राज ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुख्यमंत्री सचिवालय में शिष्टाचार मुलाक़ात कर उन्हें नई ज़िम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।
मुलाकात के दौरान डॉ. राहुल राज ने राज्य के शिक्षकों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत एवं वर्षों से लंबित मुद्दों को अत्यंत गंभीरता और मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने विशेष रूप से वित्त अनुदानित एवं वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के नियमित एवं सम्मानजनक वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ राहुल राज ने विस्तार से बताया कि वर्तमान में हजारों शिक्षक सीमित अनुदान, अनियमित वेतन एवं असुरक्षित भविष्य के बीच कार्य करने को विवश हैं, जिससे न केवल उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष तक सुनिश्चित करने तथा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, नियोजित शिक्षक, बीपीएससी द्वारा नियुक्त प्रधानाध्यापक, मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक, बीएड शिक्षक सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों के लंबित वेतन एवं पेंशन के शीघ्र भुगतान, केंद्रीय वेतनमान (7वां वेतनमान) लागू करने, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों के पदस्थापन एवं स्थानांतरण की पारदर्शी व्यवस्था, महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता, सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लिपिक, परिचारी एवं सफाई कर्मियों की नियुक्ति, प्रधानाध्यापकों को राजपत्रित दर्जा देने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
इस अवसर पर डॉ राहुल राज ने वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि यह नीति वर्षों से शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा एवं स्थायित्व के लिए सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि इस नीति को समाप्त कर शिक्षकों के लिए स्थायी वेतन व्यवस्था सुनिश्चित किया जाता है, तो यह निर्णय बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी कदम सिद्ध होगा।
डॉ राहुल राज ने बताया कि उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को मुख्यमंत्री ने गंभीरतापूर्वक सुना एवं सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वस्त किया कि मंत्रिमंडल विस्तार के पश्चात सभी लंबित विषयों एवं समस्याओं की समग्र समीक्षा कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों के वेतन एवं पेंशन के भुगतान को यथाशीघ्र सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि उन्हें उनका उचित सम्मान एवं अधिकार मिल सके।
डॉ राहुल राज ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि राज्य सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान हेतु संवेदनशील एवं ठोस निर्णय लेगी, जिससे न केवल लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा, ऊर्जा एवं मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने अंत में कहा कि जब तक शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व नहीं मिलेगा, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परिकल्पना अधूरी रहेगी। अतः यह समय है कि सरकार शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेकर शिक्षा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करे।


















