नई दिल्ली: द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के प्रावधानों के तहत हरिवंश को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। यह फैसला एक मनोनीत सदस्य के सेवानिवृत्त होने से खाली हुई सीट को भरने के लिए लिया गया है।

हरिवंश वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था। ऐसे में उनकी नियुक्ति को उच्च सदन के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने के रूप में देखा जा रहा है।
संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति को राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार है। ये सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान के आधार पर चुने जाते हैं।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हरिवंश का संसदीय अनुभव और कार्यशैली सदन के संचालन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं ।

















