Chhapra: संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पूर्व तैयारियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा हेतु समाहरणालय सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री सारण जिला श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा की गई।
◆ बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूरी तरह से ‘अलर्ट’ एवं जागरूक (Alert & Aware) मोड में रहें, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में आमजन को त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।
जिलाधिकारी ने पावर पॉइंट के माध्यम से तैयारियों के संबंध में एक एक कर जानकारी दी।
विगत 5 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार की गई है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार बाढ़ आपदा मानव संसाधन एवं क्रियान्वयन के तहत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला स्तर पर सभी आवश्यक संसाधनों की विस्तृत मैपिंग की गई।
जिला में 31,881 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध है तथा प्रमंडल का नोडल जिला होने के नाते आवश्यकतानुसार अन्य जिलों को पॉलिथीन शीट की आपूर्ति करने के लिए निविदा के माध्यम से दर एवं अपूर्त्तिकर्त्ता का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही लाइफ जैकेट्स तथा महाजाल की आपूर्ति हेतु भी निविदा के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इन सामग्रियों की ससमय आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निविदा के माध्यम से आदेश निर्गत किये गये हैं।
नावों का परिचालन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित आवागमन एवं बचाव कार्यों के लिए 198 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा कर तैयार स्थिति में रखा गया है।
खाद्यान्न एवं ड्राई राशन पैकेट:
आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों के लिए ड्राई राशन पैकेट तथा फूड पैकेट्स तैयार करने हेतु पैकेटिंग के लिए स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं।
राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई:
बाढ़ पीड़ितों के आश्रय हेतु कुल 199 बाढ़ राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही, शुद्ध व गर्म भोजन की व्यवस्था के लिए 178 सामुदायिक रसोई स्थल भी चिन्हित किये गये हैं।
अनुग्रहिक अनुदान (GR): बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों को आपदा संपूर्ति पोर्टल के माध्यम से सीधे बैंक खाते में 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से अनुग्रहिक अनुदान राशि अंतरित करने हेतु परिवारों के सत्यापन की प्रक्रिया को अग्रिम रूप से अद्यतन कर लिया गया है।
तटबंधों की सुरक्षा
तटबंधों की स्थिति : बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुल चिन्हित मुख्य स्थलों में से 10 में से 5 स्थलों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है, तथा शेष 5 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है, जिसे इस माह के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया गया।
नल-जल एवं पेयजल आपूर्ति:
जिले की कुल 4,330 नल-जल योजनाओं में से 560 योजनाओं में कुछ दिक्कत की जानकारी दी गई थी। इनमें से 542 योजनाओं को आवश्यक मरम्मती के उपरांत क्रियाशील किया गया है, शेष में कार्य किया जा रहा है।
पेयजल हेल्पलाइन:
पेयजल से संबंधित नल जल या चापाकलों की त्वरित मरम्मत हेतु विशेष हेल्पलाइन नंबर 06152-244791 जारी किया गया है, जो सुबह 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक क्रियाशील रहकर शिकायतों का निवारण कर रहा है।
चिकित्सा एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन:
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 162 स्टेटिक मेडिकल टीमें (Static Teams) तथा 52 मोबाइल मेडिकल टीमें (Mobile Teams) गठित की गई हैं, जो आवश्यक दवाइयों के पर्याप्त स्टॉक के साथ मुस्तैद रहेंगी।
पशु राहत शिविर: बाढ़ के दौरान मवेशियों के चारे और चिकित्सा के लिए जिले में कुल 32 पशु राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं।
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (नियंत्रण कक्ष): किसी भी आपातकालीन सूचना अथवा सहायता के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित है, जिसका दूरभाष संख्या 06152-245023 है। यह नियंत्रण कक्ष 24X7 (चौबीसों घंटे) कार्यरत है।
कृषि एवं सुखाड़ की तैयारी: सुखाड़ की संभावना को देखते हुए किसानों की सहायता के लिए डीजल अनुदान (Diesel Subsidy) तथा आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तैयारी मुकम्मल कर ली गई है।
नगर निकायों को भी अपने स्तर पर संसाधनों की जानकारी अद्यतन रखने को कहा गया है।
जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
समीक्षा के दौरान उपस्थित माननीय जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर प्रभारी मंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए
परसा विधायक द्वारा हरदिया चंवर में जलजमाव की गंभीर समस्या को उठाया गया, जिससे लगभग 7 से 8 पंचायतें प्रभावित होती हैं। इसके स्थाई समाधान हेतु तीन प्रमुख नालों के गाद की सफाई कराने की आवश्यकता बताई गई।
अमनौर विधायक कृष्ण कुमार मंटू द्वारा रेवा घाट पर SDRF की स्थाई प्रतिनियुक्ति करने तथा बाढ़ क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में सांप काटने की दवा (Anti Snake Venom) की उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा गया।
तरैया विधायक जनक सिंह ने तटबंधों की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने SDRF की टीमों को अलग-अलग संवेदनशील अनुमंडलों/जगहों पर स्टेशन (तैनात) करने तथा कटाव निरोधी कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का सुझाव दिया। ● बताया गया कि मढ़ौरा क्षेत्र में खासपट्टी के पास ह्यूम पाइप वाले पुलिया की जगह नए पुल निर्माण हेतु निविदा प्रक्रियाधीन है।
मांझी विधायक द्वारा तेल नदी की सिल्ट/गाद की सफाई का मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि गाद की सफाई हो जाने से कई पंचायतों को जलजमाव की समस्या से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।
छपरा विधायक द्वारा आपदा की स्थिति में फसल क्षति का त्वरित आकलन कर मुआवजे का त्वरित भुगतान सुनिश्चित कराने को कहा गया।
बैठक के अंत में प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों और फीडबैक पर पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। आपदा की स्थिति में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सांसद महाराजगंज जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह, माननीय विधायक जनक सिंह, जितेंद्र राय, कृष्ण कुमार मंटू, सुरेंद्र राम, विनय सिंह, रणधीर सिंह, विधायक छोटी कुमारी, विधायक करिश्मा, जिला परिषद अध्यक्षा जयमित्रा देवी, उप महापौर रागिनी कुमारी, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार, नगर आयुक्त रंजीत कुमार, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा भूमि सुधार उपसमाहर्ता उपस्थित थे।





















