Chhapra: राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में सोमवार को राजेन्द्र कॉलेज में पर्यावरणीय संतुलन एवं प्रकृति संरक्षण विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ॰ अनुपम कुमार सिंह उपस्थित रहे।
डॉ॰ अनुपम कुमार सिंह ने अपने संबोधन में वृक्षारोपण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “वृक्ष केवल पर्यावरण के संरक्षक नहीं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। यदि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित रखना है तो प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण को अपना नैतिक दायित्व मानना होगा।” उन्होंने कहा कि “प्रकृति के साथ संतुलन ही सतत विकास का मूल मंत्र है।”
उन्होंने प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, जल संरक्षण तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैसे ज्वलंत विषयों पर अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक एवं व्यवहारिक बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामूहिक सहभागिता और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित एन.एस.एस. के छात्र-छात्राओं ने पूरे मनोयोग से व्याख्यान को सुना तथा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को जन-अभियान बनाने का संकल्प लिया।
वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत अगली कड़ी में दिनांक 07 जुलाई को महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर एन.एस.एस. के चारों कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ॰ तनु गुप्ता, डॉ॰ ऋचा मिश्रा, डॉ॰ इकबाल जफर अंसारी एवं डॉ॰ बी॰ एस॰ साहू सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ॰ ऋचा मिश्रा द्वारा किया गया।



















