सारण के 9 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में 1 जुलाई से शुरू होंगी कक्षाएं: जिलाधिकारी ने दिए सर्वोच्च प्राथमिकता से तैयारी के निर्देशबिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के महत्वपूर्ण निश्चय “उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य” के तहत लिया गया बड़ा निर्णयतरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर में तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिह्नित भवनों में शुरू होगा कॉलेजजयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा नामित 3 प्राचार्यों ने किया योगदान; 20 जून तक भवन मरम्मत और 25 जून तक फर्नीचर खरीद का काम पूरा करने का अल्टीमेटम छपरा: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य” संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सारण जिला प्रशासन द्वारा निर्णायक पहल की जा रही है। इस निश्चय के तहत जिले के उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जा रही है, जहाँ अब तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं था। सारण जिले के ऐसे सभी 9 चिह्नित प्रखंडों—तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर—में आगामी 01 जुलाई 2026 से तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिह्नित सरकारी भवनों में डिग्री कॉलेजों का संचालन अनिवार्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा। आज का पंचांग | अधिक ज्येष्ठ कृष्णपक्ष षष्ठी इस निर्णय को ससमय और संवेदनशीलता के साथ पूरा करने के लिए जिलाधिकारी सारण, श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।◆ जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा प्राचार्यों का नामांकन:इन सभी 9 नए डिग्री कॉलेजों के सुचारू संचालन के लिए जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा द्वारा प्राचार्यों को नामित कर दिया गया है। इसमें से 3 नव-नामित प्राचार्यों ने अपना योगदान (जॉइनिंग) भी दे दिया है, जबकि शेष प्राचार्यों के भी जल्द योगदान देने की प्रक्रिया चल रही है।◆ 20 जून तक भवनों का कायाकल्प, 25 जून तक फर्नीचर की व्यवस्था :समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लॉक-वार तैयार किए गए प्राक्कलन (इस्टीमेट) की गहन समीक्षा की और संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) और भवन निर्माण प्रमंडल को निर्देशित किया गया है कि वे सभी चिह्नित भवनों में आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन , बिजली कनेक्शन (विद्युतीकरण), शुद्ध पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था 20 जून तक शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। विश्व पर्यावरण दिवस: विवेकानंद VIP फार्मेसी कॉलेज के छात्रों ने किया पौधारोपण फर्नीचर एवं सामग्री की आपूर्ति : कॉलेजों के लिए आवश्यक सभी फर्नीचर जैसे—बेंच-डेस्क, टेबल, कुर्सियां, अलमारी, बुक शेल्फ एवं अन्य उपभोज्य सामग्रियों (consumables) की खरीद सक्षम प्राधिकार के माध्यम से हर हाल में 25 जून तक सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा एवं सफाई की मुकम्मल व्यवस्था: कॉलेजों में साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मियों और सुरक्षा के दृष्टिकोण से होमगार्ड (गृह रक्षकों) की तैनाती का प्रावधान किया जा रहा है। विक्रमशिला सेतु पर 7 जून से फिर शुरू होगा आवागमन, 10 टन वजनी वाहन ही गुजर सकेंगे इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त , जिला शिक्षा पदाधिकारी , स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) एवं भवन निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला लेखा पदाधिकारी , वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त , नजारत उप समाहर्ता , तीन कॉलेजों के नवनियुक्त प्राचार्यगण सहित शिक्षा और निर्माण विभाग से जुड़े सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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सारण के 9 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में 1 जुलाई से शुरू होंगी कक्षाएं: जिलाधिकारी ने दिए सर्वोच्च प्राथमिकता से तैयारी के निर्देश बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के महत्वपूर्ण निश्चय “उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य” के तहत लिया गया बड़ा निर्णय तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर में तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिह्नित भवनों में शुरू होगा कॉलेज जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा नामित 3 प्राचार्यों ने किया योगदान; 20 जून तक भवन मरम्मत और 25 जून तक फर्नीचर खरीद का काम पूरा करने का अल्टीमेटम
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छपरा: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य” संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सारण जिला प्रशासन द्वारा निर्णायक पहल की जा रही है।
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इस निश्चय के तहत जिले के उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जा रही है, जहाँ अब तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं था। सारण जिले के ऐसे सभी 9 चिह्नित प्रखंडों—तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर—में आगामी 01 जुलाई 2026 से तात्कालिक व्यवस्था के तहत चिह्नित सरकारी भवनों में डिग्री कॉलेजों का संचालन अनिवार्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
इस निर्णय को ससमय और संवेदनशीलता के साथ पूरा करने के लिए जिलाधिकारी सारण, श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ◆ जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा प्राचार्यों का नामांकन: इन सभी 9 नए डिग्री कॉलेजों के सुचारू संचालन के लिए जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा द्वारा प्राचार्यों को नामित कर दिया गया है। इसमें से 3 नव-नामित प्राचार्यों ने अपना योगदान (जॉइनिंग) भी दे दिया है, जबकि शेष प्राचार्यों के भी जल्द योगदान देने की प्रक्रिया चल रही है। ◆ 20 जून तक भवनों का कायाकल्प, 25 जून तक फर्नीचर की व्यवस्था : समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लॉक-वार तैयार किए गए प्राक्कलन (इस्टीमेट) की गहन समीक्षा की और संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए।
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स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) और भवन निर्माण प्रमंडल को निर्देशित किया गया है कि वे सभी चिह्नित भवनों में आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन , बिजली कनेक्शन (विद्युतीकरण), शुद्ध पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था 20 जून तक शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें।
फर्नीचर एवं सामग्री की आपूर्ति : कॉलेजों के लिए आवश्यक सभी फर्नीचर जैसे—बेंच-डेस्क, टेबल, कुर्सियां, अलमारी, बुक शेल्फ एवं अन्य उपभोज्य सामग्रियों (consumables) की खरीद सक्षम प्राधिकार के माध्यम से हर हाल में 25 जून तक सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा एवं सफाई की मुकम्मल व्यवस्था: कॉलेजों में साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मियों और सुरक्षा के दृष्टिकोण से होमगार्ड (गृह रक्षकों) की तैनाती का प्रावधान किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त , जिला शिक्षा पदाधिकारी , स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) एवं भवन निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला लेखा पदाधिकारी , वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त , नजारत उप समाहर्ता , तीन कॉलेजों के नवनियुक्त प्राचार्यगण सहित शिक्षा और निर्माण विभाग से जुड़े सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।