Patna/Chhapra: 24 नवंबर 2005 को राज्य में सरकार के गठन के बाद से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए सरकार ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान और प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है। सरकार ने पूरे बिहार को एक परिवार मानते हुए सभी नागरिकों के मान-सम्मान और गरिमा की रक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उक्त बातें एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ सरल और सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकें, इस उद्देश्य से सरकार ने गंभीर पहल शुरू की है। इसी क्रम में वर्ष 2025 से 2030 की अवधि के लिए सात निश्चय–3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है, जिनका लक्ष्य बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। नगर निगम सभागार बना अखाड़ा, पिछले साल का हिसाब मांगने पर बढ़ा विवाद, बजट बैठक में जमकर हंगामा साथ ही उन्होंने कहा कि सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) पर विशेष जोर दिया गया है। इस निश्चय का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना और उन्हें सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उपेन्द्र कुशवाहा फिर बने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिक हैं। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उन्हें आवश्यकता पड़ने पर उनके घर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इन सेवाओं में नर्सिंग सहायता, घर पर पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर एवं ईसीजी जांच, फिजियोथेरेपी तथा आपातकालीन स्थिति में सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता शामिल हैं। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को बड़ी पहचान: नालंदा की बावन बूटी, गया स्टोन क्राफ्ट और भोजपुर की पिढ़िया पेंटिंग को मिला GI टैग इन सेवाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तेजी से कार्य करने का निर्देश दिया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और अधिक आसान बनाने के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहचान की जाएगी। इस संबंध में आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। यदि कोई नागरिक इस विषय में कोई विशिष्ट और उपयोगी सुझाव देना चाहता है, तो वह निर्धारित माध्यमों के जरिए अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है। सुझाव देने के लिए क्यूआर, ईमेल जारी किया गया है। साथ दी पत्र के माध्यम से अपर सचिव, 4 देशरत्न मार्ग, मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना 800001 को सुझाव भेजे जा सकते हैं।
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Patna/Chhapra: 24 नवंबर 2005 को राज्य में सरकार के गठन के बाद से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए सरकार ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान और प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है। सरकार ने पूरे बिहार को एक परिवार मानते हुए सभी नागरिकों के मान-सम्मान और गरिमा की रक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उक्त बातें एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ सरल और सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकें, इस उद्देश्य से सरकार ने गंभीर पहल शुरू की है। इसी क्रम में वर्ष 2025 से 2030 की अवधि के लिए सात निश्चय–3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है, जिनका लक्ष्य बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।
साथ ही उन्होंने कहा कि सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) पर विशेष जोर दिया गया है। इस निश्चय का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना और उन्हें सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिक हैं। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उन्हें आवश्यकता पड़ने पर उनके घर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इन सेवाओं में नर्सिंग सहायता, घर पर पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर एवं ईसीजी जांच, फिजियोथेरेपी तथा आपातकालीन स्थिति में सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता शामिल हैं।
इन सेवाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तेजी से कार्य करने का निर्देश दिया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और अधिक आसान बनाने के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहचान की जाएगी। इस संबंध में आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। यदि कोई नागरिक इस विषय में कोई विशिष्ट और उपयोगी सुझाव देना चाहता है, तो वह निर्धारित माध्यमों के जरिए अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है। सुझाव देने के लिए क्यूआर, ईमेल जारी किया गया है। साथ दी पत्र के माध्यम से अपर सचिव, 4 देशरत्न मार्ग, मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना 800001 को सुझाव भेजे जा सकते हैं।
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