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श्रीलंका के तट पर डूबा ईरानी नौसेना का जहाज, 101 लोग लापता, 78 को बचाया गया

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– पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

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नई दिल्ली, 04 मार्च (हि.स.)। विशाखापत्तनम के पूर्वी तट पर पिछले माह हुए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू से लौट रहा ईरानी जहाज श्रीलंका के तट पर समुद्र में डूब गया है। जहाज पर सवार 180 नाविकों में से अब तक 78 को बचा लिया गया है। इनमें से 32 लोगों को गंभीर हालत में करापितिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। ईरानी जहाज पर सबमरीन हमले के बाद कम से कम 101 लोग लापता हैं। मरने वालों की सही संख्या की जांच अभी भी चल रही है, क्योंकि अधिकारी सर्च और रेस्क्यू की कोशिशें जारी रखे हुए हैं। ईरानी जहाज के डूबने से हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और एनर्जी शिपिंग रास्तों पर युद्ध के असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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भारतीय नौसेना ने पिछले माह विशाखापत्तनम के पूर्वी तट पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास ‘मिलन’ का आयोजन किया, जिसमें 74 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था। ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना ने भी फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लिया था। उसके साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, साउथ कोरिया, रूस और दर्जनों दूसरे देशों के वॉरशिप खड़े थे। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फ्लीट का रिव्यू किया था। ईरान के नेवी कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरानी ने भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी के साथ मैरीटाइम सिक्योरिटी कोऑपरेशन को मजबूत करने पर बातचीत की थी।

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इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी नौसेना को गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस पिंकनी को भेजना था, लेकिन आखिरी मिनट में रद्द कर दिया गया। इसकी वजह बताई गई कि अगर फ्लीट रिव्यू के दौरान ईरान के साथ जंग छिड़ जाती, तो पिंकनी को आईआरआईएस डेना के साथ खड़ा करना शर्मनाक होता। बहरहाल, 25 फरवरी को आयोजन खत्म होने के तीन दिन बाद 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी लॉन्च कर दिया। यह लड़ाई अब काफी तेज हो गई है और एक-दूसरे के खिलाफ हवाई हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने बताया कि आज सुबह स्थानीय समयानुसार 5:08 बजे जब ईरानी जहाज डेना श्रीलंका से लगभग 40 नॉटिकल मील दक्षिण में था, तभी चालक दल ने 180 क्रू सदस्य वाले इस फ्रिगेट के डूबने की सूचना दी। इसके बाद दो नेवी वेसल और एक एयरक्राफ्ट तैनात किए गए। ऑपरेशन चलाकर जहाज पर सवार 180 नाविकों में से अब तक 32 को बचा लिया गया है, जिन्हें गंभीर हालत में करापितिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। ईरानी जहाज पर सबमरीन हमले के बाद कम से कम 101 लोग लापता हैं। हेराथ ने हादसे के पीछे एक धमाके का ज़िक्र किया, लेकिन वजह नहीं बताई। इस हादसे के पीछे कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से तुरंत कोई जवाब नहीं आया है।

ईरानी जहाज डेना 1,300 से 1,500 टन का फ्रिगेट है, जो 94 मीटर लंबा है और इसमें एंटी-शिप मिसाइल, टॉरपीडो और देश में बने इंजन लगे हैं। यह वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम वाला पहला ईरानी वॉरशिप था। यह कोई कोस्टल पेट्रोल बोट नहीं थी। यह ईरान की सबसे मॉडर्न सरफेस कॉम्बैटेंट क्लास थी।अगर हादसे के पीछे अमेरिकी हमला था, तो इसका मतलब है कि युद्ध फारस की खाड़ी से 4,000 किलोमीटर दूर हिंद महासागर तक पहुंच गया है। अगर यह एक दुर्घटना थी, तो युद्ध क्षेत्र से गुजर रहे एक युद्धपोत को सबसे बुरे समय में भयानक विफलता का सामना करना पड़ा है। श्रीलंका नेवी के जहाज बचाव अभियान में लगे हुए हैं, क्योंकि समुद्र में अभी भी मौजूद लोगों का पता लगाने और उनकी मदद करने की कोशिशें जारी हैं।-

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