श्री मोती सिंह जागेश्वरी आयुर्वेद कॉलेज में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 200 मरीजों की हुई जांच तेहरान/वाशिंगटन, 12 मार्च (हि.स.)। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 13वां दिन हैं। ईरान से शुरू यह जंग फारस के खाड़ी देशों तक फैल चुकी है। ईरान और इजराइल के ताबड़तोड़ हमलों से पश्चिम एशिया में हालात और बदतर हो गए हैं। इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध रोकने के लिए दुनिया के सामने तीन शर्तें रखी हैं। पीएम सूर्य घर योजना के लाभ, सब्सिडी, ऋण सुविधा एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर दी गई जानकारी अल जजीरा न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि यह तीनों शर्तें बेहद जरूरी हैं। अगर ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देने, युद्ध के नुकसान की भरपाई करने और भविष्य में हमला न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिल जाए तो ईरान तत्काल प्रभाव से युद्ध रोक देगा। उन्होंने कहा, ईरान के बातचीत की पटरी पर लौटने का यह मतलब यह नहीं कि वह कमजोर है। भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में चार पुलिस अधिकारियों ने न्यायिक जांच आयोग के समक्ष दर्ज कराया बयान दूसरी ओर इस युद्ध पर अपना बहुत कुछ गंवा चुके अमेरिका के तेवर अभी भी तल्ख हैं। अमेरिकी मीडिया में प्रसारित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से फिलवक्त ऐसा नहीं लग रहा कि युद्ध की लपटें बुझेंगी। ट्रंप ने केंटकी राज्य में एक रैली में कहा कि ईरान जंग में अमेरिका जीत चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी। इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को बताया कि ईरान जंग के शुरुआती छह दिन में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये) खर्च कर दिए। इनमें से करीब पांच अरब डॉलर (लगभग 45 हजार करोड़ रुपये) हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च हुए।
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तेहरान/वाशिंगटन, 12 मार्च (हि.स.)। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 13वां दिन हैं। ईरान से शुरू यह जंग फारस के खाड़ी देशों तक फैल चुकी है। ईरान और इजराइल के ताबड़तोड़ हमलों से पश्चिम एशिया में हालात और बदतर हो गए हैं। इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध रोकने के लिए दुनिया के सामने तीन शर्तें रखी हैं।
अल जजीरा न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि यह तीनों शर्तें बेहद जरूरी हैं। अगर ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देने, युद्ध के नुकसान की भरपाई करने और भविष्य में हमला न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिल जाए तो ईरान तत्काल प्रभाव से युद्ध रोक देगा। उन्होंने कहा, ईरान के बातचीत की पटरी पर लौटने का यह मतलब यह नहीं कि वह कमजोर है।
दूसरी ओर इस युद्ध पर अपना बहुत कुछ गंवा चुके अमेरिका के तेवर अभी भी तल्ख हैं। अमेरिकी मीडिया में प्रसारित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से फिलवक्त ऐसा नहीं लग रहा कि युद्ध की लपटें बुझेंगी। ट्रंप ने केंटकी राज्य में एक रैली में कहा कि ईरान जंग में अमेरिका जीत चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
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इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को बताया कि ईरान जंग के शुरुआती छह दिन में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये) खर्च कर दिए। इनमें से करीब पांच अरब डॉलर (लगभग 45 हजार करोड़ रुपये) हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च हुए।
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