कृषि, उद्योग, परिवहन को बढ़ावा, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ आत्मनिर्भर भारत को बल: रूडी

कृषि, उद्योग, परिवहन को बढ़ावा, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ आत्मनिर्भर भारत को बल: रूडी

दिल्ली: आम बजट 2021-22 पर प्रतिक्रिया देते हुए सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि प्रथम महिला वित्त मंत्री का दूसरा बजट निश्चय ही आत्मनिर्भर भारत बनाने, देशी उद्योगपतियों और व्यवसायियों को बढ़ावा देने, किसानों की आय दुगनी करने और नये स्टार्ट अप को बल देने वाला बजट है. सबका साथ, सबका विकास के साथ सबके विश्वास पर यह आम बजट खरा उतरता है. प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देता मोदी 2.0 का 34,83,236 करोड़ का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया है.

उन्होंने कहा कि यह न्यू इंडिया का एक शानदार बजट है जिसमें हर वर्ग के लोगों का विकास होगा. आम बजट के छः पिलर स्वास्थ्य और कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी, और अवसंरचना, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास और न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन आत्मनिर्भर भारत को मजबूति प्रदान करते है.

रुडी ने कहा कि मोदी सरकार ने स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया है. हेल्थ सेक्टर के बजट में लगभग 134 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. पहले जहां यह बजट 94 हजार करोड़ रूपये था वहीं अब यह 2.23 लाख करोड़ हो गया है. कोरोना वैक्सिनेशन के लिए भी 35 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि वाहनों के सहज, सुगम और सुरक्षित यातायात पर भी ध्यान दिया गया है. सड़क निर्माण और सार्वजनिक परिवहन पर भी इस बार 1.18 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है और अगले वर्ष देश में 8500 किलोमीटर सड़क के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है.

सांसद ने बताया कि इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है. अर्बन जल-जीवन मिशन पर 2.87 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. सरकार ने जल-जीवन मिशन के तहत 2.86 करोड़ घरों में स्वच्छ पीने का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

रुडी ने कहा कि मिशन पोषण 2.0 लॉन्च किया जाएगा. कृषि के क्षेत्र में बजट में किये गये प्रावधानों पर बात करते हुए सांसद रुडी ने कहा कि मोदी सरकार सदैव किसानों के हित की बात करती रही है. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने का है जिसके लिए सार्थक प्रयास हो रहा है. किसानों के लिए ही कृषि मंडियों को बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए कृषि अवसंचरना कोष उपलब्ध कराये जाने की बात कही गई है साथ ही 2021-22 में कृषि ऋण के लक्ष्य को भी बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये किया गया.

उन्होंने कहा कि हर मौसम की फसल के लिए सरकार अन्नदाताओं को भुगतान करती रही है. इन सभी प्रावधानों से नये कृषि कानून को और बल मिलेगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ ,सबका विकास और सबका विश्वास के लिए प्रतिबद्ध है. इसलिए इस बजट में बुजुर्गों का भी ध्यान रखा गया है और आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर 75 वर्ष या उससे अधिक के बुजुर्गों को आइटीआर से छूट दी गई है और आमजन का ध्यान रखते हुए टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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