सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें : प्रभारी सचिव पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही अधिकांश समस्याओं का करें समाधान, लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी Chhapra: सारण जिले में बिहार सरकार की अभिनव पहल “सहयोग शिविर” के प्रभावी संचालन एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा को लेकर आज प्रभारी सचिव, सारण सह प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार पंकज कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आज का पंचांग | शुद्ध ज्येष्ठ शुक्लपक्ष दशमी समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक सहयोग शिविर के तहत कुल 8,430 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 7,342 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं 391 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए हैं तथा 697 आवेदन लंबित हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन की कार्रवाई जारी है। प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि एवं राजस्व विभाग, राशन कार्ड, शौचालय सहायता राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने इन मामलों के निष्पादन की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए लंबित आवेदनों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जनोन्मुखी पहल है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर के निकट ही उपलब्ध कराना है। ऐसे में सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े तथा अधिकतम मामलों का निष्पादन पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही किया जाए। लखनऊ कोचिंग आग हादसे में पुलिस ने चार को किया गिरफ्तार, चार अफसर सस्पेंड प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभागों से संबंधित सेवाओं का सतत एवं प्रभावी निष्पादन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश समस्याओं का समाधान पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही संभव है। यदि किसी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर हो। इसलिए सभी विभाग लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र आवेदक को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई न हो। कतर फैक्टरी दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की जान गई, दूतावास ने जताया शोक बैठक में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि जमीनी स्तर पर सेवाओं के निष्पादन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। प्रभारी सचिव ने कहा कि जहां कहीं भी कार्य निष्पादन में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाएगा, वहां संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से अपने आवंटित प्रखंडों एवं पंचायतों का भ्रमण कर सहयोग शिविरों के संचालन, प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा लाभार्थियों को सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी करें। साथ ही विभागीय पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे समन्वित रूप से कार्य करते हुए शिकायतों एवं आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच), सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।◆ बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से सरकार आम लोगों तक सीधे पहुंच रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था के तहत प्राप्त हो।
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सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें : प्रभारी सचिव
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पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही अधिकांश समस्याओं का करें समाधान, लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
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Chhapra: सारण जिले में बिहार सरकार की अभिनव पहल “सहयोग शिविर” के प्रभावी संचालन एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा को लेकर आज प्रभारी सचिव, सारण सह प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार पंकज कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक सहयोग शिविर के तहत कुल 8,430 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 7,342 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं 391 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए हैं तथा 697 आवेदन लंबित हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन की कार्रवाई जारी है।
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प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि एवं राजस्व विभाग, राशन कार्ड, शौचालय सहायता राशि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने इन मामलों के निष्पादन की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए लंबित आवेदनों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जनोन्मुखी पहल है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर के निकट ही उपलब्ध कराना है। ऐसे में सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े तथा अधिकतम मामलों का निष्पादन पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही किया जाए।
प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभागों से संबंधित सेवाओं का सतत एवं प्रभावी निष्पादन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश समस्याओं का समाधान पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर ही संभव है। यदि किसी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर हो। इसलिए सभी विभाग लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र आवेदक को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई न हो।
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर बल दिया गया कि जमीनी स्तर पर सेवाओं के निष्पादन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। प्रभारी सचिव ने कहा कि जहां कहीं भी कार्य निष्पादन में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाएगा, वहां संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से अपने आवंटित प्रखंडों एवं पंचायतों का भ्रमण कर सहयोग शिविरों के संचालन, प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा लाभार्थियों को सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी करें। साथ ही विभागीय पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे समन्वित रूप से कार्य करते हुए शिकायतों एवं आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच), सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। ◆ बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से सरकार आम लोगों तक सीधे पहुंच रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था के तहत प्राप्त हो।
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