जेपी ने सत्ता के लिए नहीं सिद्धांत की लड़ाई लड़ी, लेकिन उनके नाम से उपजे नेता कांग्रेस की गोद में जा बैठे: गृह मंत्री अमित शाह

जेपी ने सत्ता के लिए नहीं सिद्धांत की लड़ाई लड़ी, लेकिन उनके नाम से उपजे नेता कांग्रेस की गोद में जा बैठे: गृह मंत्री अमित शाह

Chhapra: जयप्रकाश नारायण की 120 वी जयंती पर सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड स्थित सिताबदियारा पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जयप्रकाश नारायण के सिद्धांतों की चर्चा करते हुए विपक्षियों पर कड़ा प्रहार किया.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण सत्ता के लिए नहीं बल्कि सिद्धांत के लिए जाने जाते थे. लेकिन कुछ जो अपने को जयप्रकाश नारायण के अनुयाई कहते हैं वह सत्ता के लिए पांच बार पाला बदल चुके है लेकिन जनता उन्हें जरूर सबक सिखाएगी.

गृह मंत्री अमित शाह ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलनों की चर्चा हुए का करते हुए कहा कि जयप्रकाश नारायण ने इमरजेंसी के खिलाफ आवाज उठाई थी, गुजरात जैसे प्रदेश में जयप्रकाश नारायण ने छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करते हुए सफलता पाई.

बिहार में आंदोलन की शुरुआत जयप्रकाश नारायण ने की गांधी मैदान की भीड़ देखकर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हतोत्साहित थी. जिसके बाद उन्होंने जयप्रकाश नारायण को जेल भेजवा दिया. उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी बाजपेई, मुरारजी देसाई के जेल भेजने घटना का भी जिक्र किया.

अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने सभी विपक्षियों को एक साथ मिलाकर देश में पहली बार पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनवाई.

जेपी, विनोबा भावे के सिद्धांत एवं सर्वोदय के नारे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार विगत 8 वर्षों से पूरी कर रही है. ग्रामोत्थान के सपने के साथ गैस, बिजली, सड़क गांव गांव नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में पूरा हो रहा है.

गृह मंत्री अमित शाह ने “अंधेरे में एक प्रकाश जयप्रकाश, जयप्रकाश” के नारे से जिस प्रकार बिहार और गुजरात में बदलाव किया. संपूर्ण क्रांति के नारे को नरेंद्र मोदी ने सफल बनाया है.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जे पी का नाम और जे पी के नाम से उपजे नेता आज कांग्रेस के गोद में जाकर बैठ गए हैं. जेपी ने कभी सत्ता के लिए नहीं बल्कि सिद्धांत के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन आज सत्ता के लिए लोग पाला बदलकर अपनी रोटियां सेक रहे हैं. हालांकि जनता उन्हें सबक जरूर सिखाएगी.

उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली सिताबदियारा में बनने वाले स्मारक के साथ रिसर्च सेंटर के साथ साथ फैकल्टी सेंटर एवं जयप्रकाश नारायण के सिद्धांतों को जाने वाले छात्रों के लिए स्टूडेंट सेंटर का भी निर्माण कराया जाएगा. जिससे छात्र उनके सिद्धांतों को जान पाएंगे.

अपने भाषण के दौरान श्री शाह ने बलिया के सांसद विरेंद्र सिंह मस्त के कार्यों की सराहना करते हुए कहां की आगे भी इस धरती के लिए कार्य करें.

उन्होंने कहा नारायण के जयप्रकाश नारायण के स्मारक को देखकर लोग उनके सिद्धांतों को जानेंगे. जयप्रकाश नारायण के सिद्धांतों को जिंदा रखेगे तो देश को चलाने के लिए युवा शक्ति प्राप्त होगी.

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