वैभव सूर्यवंशी बने भारतीय टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी जयपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान पुलिस की सीआईडी अपराध शाखा विंग ने दुल्हन बेचने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ अपना शिकंजा करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना भंवरलाल शर्मा की गिरफ्तारी के ठीक बाद सीआईडी टीम ने एक और कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी महावीर सुथार को जयपुर के मानसरोवर स्थित भारत माता सर्किल से दस्तयाब कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर बालोतरा पुलिस की ओर से दस हजार रुपये का इनाम घोषित है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 शृंखला के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर बने कप्तान यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई। पुलिस अधीक्षक सीआईडी सीबी ज्येष्ठा मैत्रयी के सुपरविजन में गठित टीम के प्रभारी एसआई शैलेन्द्र शर्मा व सदस्य कांस्टेबल बृजेश शर्मा को सूचना मिली थी कि इस गैंग का सक्रिय सदस्य महावीर निवासी उनियारा टोंक जयपुर के मानसरोवर इलाके में छिपा है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारत माता सर्किल पर जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बालोतरा से आई थाना गिड़ा पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। अंडर-18 एशिया कप : जापान को 4-1 से हराकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम बनी चैंपियन महावीर सुथार उस संगठित गिरोह का अभिन्न हिस्सा है। जिसने सितंबर 2023 में बालोतरा के मगाराम को फर्जी शादी के जाल में फंसाकर 2 लाख 50 हजार की ठगी की थी। आरोपी महावीर मुख्य सरगना भंवरलाल शर्मा और रहमत खां के साथ मिलकर सौदेबाजी और पीड़ितों को ब्लैकमेल करने का काम करता था। यह आरोपी पिछले काफी समय से अपनी पहचान बदलकर पुलिस को छका रहा था। भंवरलाल और अब महावीर सुथार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के कोलकाता,असम,बिहार,यूपी और झारखंड तक फैले नेटवर्क की कड़ियां जुड़ सकेंगी। यह गिरोह अब तक कितने कुंवारे लड़कों को अपना शिकार बना चुका है और कितनी लड़कियों की खरीद-फरोख्त की गई है, इस संबंध में अब बालोतरा पुलिस गहन पूछताछ करेगी। मगाराम केस में अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो चुकी है। इस पूरी कार्रवाई में सीआईडी क्राइम ब्रांच स्पेशल टीम के उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा और कांस्टेबल बृजेश शर्मा की विशेष भूमिका और सहायक उप निरीक्षक शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, कांस्टेबल नरेश कुमार का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे इनामी अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत यह बड़ी सफलता है। टीम के तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के कारण ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
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जयपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान पुलिस की सीआईडी अपराध शाखा विंग ने दुल्हन बेचने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ अपना शिकंजा करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना भंवरलाल शर्मा की गिरफ्तारी के ठीक बाद सीआईडी टीम ने एक और कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी महावीर सुथार को जयपुर के मानसरोवर स्थित भारत माता सर्किल से दस्तयाब कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर बालोतरा पुलिस की ओर से दस हजार रुपये का इनाम घोषित है।
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई। पुलिस अधीक्षक सीआईडी सीबी ज्येष्ठा मैत्रयी के सुपरविजन में गठित टीम के प्रभारी एसआई शैलेन्द्र शर्मा व सदस्य कांस्टेबल बृजेश शर्मा को सूचना मिली थी कि इस गैंग का सक्रिय सदस्य महावीर निवासी उनियारा टोंक जयपुर के मानसरोवर इलाके में छिपा है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारत माता सर्किल पर जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बालोतरा से आई थाना गिड़ा पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया है।
महावीर सुथार उस संगठित गिरोह का अभिन्न हिस्सा है। जिसने सितंबर 2023 में बालोतरा के मगाराम को फर्जी शादी के जाल में फंसाकर 2 लाख 50 हजार की ठगी की थी। आरोपी महावीर मुख्य सरगना भंवरलाल शर्मा और रहमत खां के साथ मिलकर सौदेबाजी और पीड़ितों को ब्लैकमेल करने का काम करता था। यह आरोपी पिछले काफी समय से अपनी पहचान बदलकर पुलिस को छका रहा था।
भंवरलाल और अब महावीर सुथार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के कोलकाता,असम,बिहार,यूपी और झारखंड तक फैले नेटवर्क की कड़ियां जुड़ सकेंगी। यह गिरोह अब तक कितने कुंवारे लड़कों को अपना शिकार बना चुका है और कितनी लड़कियों की खरीद-फरोख्त की गई है, इस संबंध में अब बालोतरा पुलिस गहन पूछताछ करेगी। मगाराम केस में अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो चुकी है। इस पूरी कार्रवाई में सीआईडी क्राइम ब्रांच स्पेशल टीम के उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा और कांस्टेबल बृजेश शर्मा की विशेष भूमिका और सहायक उप निरीक्षक शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, कांस्टेबल नरेश कुमार का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे इनामी अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत यह बड़ी सफलता है। टीम के तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के कारण ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
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