Breaking News

Bihar: फैंसी नंबर प्लेट की दीवानगी, दो महीने में ₹6 करोड़ राजस्व, 4,117 फैंसी नंबर प्लेट जारी

4 Min Read
खबर सुनें
▶ Press play to listen

0001 से 9999 तक के नंबर प्लेट का क्रेज, दो महीने में 4,117 फैंसी प्लेट, सरकार को ₹6 करोड़ की कमाई

SHAILFORD
विज्ञापन

Sub head
• सरकार को लगभग 6 करोड़ का राजस्व प्राप्त
• सबसे अधिक पटना जिले में 2.46 करोड़ रुपये जमा

SHARDA
विज्ञापन

Patna: बिहार में वाहन मालिकों की फैंसी (मनपसंद या अधिमान) नंबर प्लेट के प्रति दीवानगी लगातार बढ़ रही है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बीते दो महीने में (1 दिसंबर 2025 से 13 फरवरी 2026) कुल 4,117 फैंसी नंबर प्लेट जारी किए गए, जिससे राज्य सरकार को लगभग 6 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस अवधि में सबसे ज्यादा फैंसी नंबर पटना जिले में रजिस्टर्ड हुए, जहां 1,597 नंबर प्लेट लिए गए। इससे पटना से अकेले 2.46 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 358, गया में 321, पूर्णिया में 189 और रोहतास में 174 फैंसी नंबर प्लेट जारी हुए। इन जिलों से क्रमशः 52.17 लाख, 41.10 लाख, 33.53 लाख और 20.90 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए।

निबंधन पेंडेंसी कम होने से लाभ: मंत्री
उन्होंने कहा कि बीते दो महीने में डीटीओ कार्यालयों में वाहन निबंधन की पेंडेंसी को काफी हद तक कम किया गया है। इसके फलस्वरूप निबंधन व अन्य परिवहन संबंधित सुविधाएं प्राप्त करने वालों की का संख्या बढ़ी है। आगे बताया कि परिवहन विभाग के कामों में पारदर्शिता होने से भी लोगों के शौक आसानी से पूरे होने लगे हैं।

Tanishq Chhapra
विज्ञापन
AND PUBLIC SCHOOL
विज्ञापन

फैंसी नंबर के लिए ई-नीलामी व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि राज्य में फैंसी नंबर प्लेट पाने के लिए नियम मौजूद हैं। बिहार मोटर वाहन(संशोधन) नियमावली, 1992 के नियम-64 के तहत फैंसी नंबरों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि पारदर्शी तरीके से आवंटन सुनिश्चित हो। गैर-परिवहन (निजी) और परिवहन वाहनों के लिए अलग-अलग आधार शुल्क निर्धारित हैं।

SOLANKI SCHOOL
विज्ञापन

नंबर प्लेटों को पांच समूहों (एक,भी,ही,डी,ई) में बांटा गया है, जहां ए समूह के प्रीमियम नंबर जैसे 0001, 0003, 0005, 0007, 0009 के लिए गैर-परिवहन वाहनों पर 1 लाख रुपये और परिवहन वाहनों पर 35 हजार रुपये शुल्क है। अन्य लोकप्रिय नंबर जैसे 1100, 1212, 2525, 9999 आदि भी उच्च शुल्क पर उपलब्ध हैं।

पटना बना फैंसी नंबर हब
यदि एक ही नंबर के लिए दो आवेदन आए तो ऐसी स्थिति में ई-नीलामी होती है, जिसमें भाग लेने के लिए आवेदकों को 1,000 रुपये का गैर-वापसी योग्य रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होता है। सर्वोच्च बोली लगाने वाले (एच-1) को फैंसी नंबर जारी कर दिया जाता है। बोली जीतने वाले को 7 दिनों में पूरी राशि जमा करनी होती है, अन्यथा नंबर रद्द हो जाता है और एच-2 को मौका मिलता है।अगर नीलामी में नंबर नहीं बिकता, तो उसे पुनः नीलामी के लिए जारी किया जा सकता है। बता दें कि जमा राशि कभी वापस नहीं होती और नंबर एक बार आवंटित होने के बाद परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

वाहन मालिक फैंसी नंबर के लिए vahan.parivahan.gov.in/fancy पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। लकी नंबर, जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत पसंद के आधार पर लोगों की ओर से मोटी रकम खर्च करने का ट्रेंड देखा जा रहा है।

हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें -

bhawani tiles
विज्ञापन
Share This Article
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।
ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट छपरा की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं
WhatsApp जॉइन करें जॉइन करें