Chhapra: आगामी दिनांक 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर गुरुवार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा व्यवहार न्यायालय के न्यायालय कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव ने सभी न्यायालय कर्मियों को निर्देशित किया कि लोक अदालत में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं को विशेष प्राथमिकता एवं सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों से आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक योग्य एवं सुलहनीय मामलों के निष्पादन में सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर अपने कार्यों के प्रति निष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले न्यायालय कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। सचिव ने कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी लगन, जिम्मेदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बैठक के दौरान सामाजिक कुरीति दहेज प्रथा के विरुद्ध जागरूकता का संदेश देते हुए उपस्थित सभी न्यायालय कर्मियों को दहेज न लेने एवं दहेज प्रथा का विरोध करने की शपथ भी दिलाई गई।
सचिव ने कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। इसे समाप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आना होगा।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के साथ-साथ आम लोगों को त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराने तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना रहा।



















