Chhapra: भारत की जनगणना के दुसरे चरण के लिए कार्य प्रारंभ हो चुका है। दुसरे चरण में होने वाले जनसंख्या परिगणना को लेकर तिथि की घोषणा हो चुकी है। बिहार में दूसरे चरण में आगामी 25 जनवरी 27 से 28 फ़रवरी 27 तक जनसंख्या परिगणना अयोजित की जाएगी। इसके पूर्व 10 जनवरी से 24 जनवरी 27 तक सेल्फ एनुमिरेशन का कार्य संपन्न होगा।
जनगणना 2027 के दुसरे चरण के लिए चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज के प्रशिक्षण के बाद गुरूवार को तकनीकी सहायकों का प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ।
विकास भवन के डीआरडीए सभागार में अयोजित प्रशिक्षण का जनगणना कार्य निदेशालय के सहायक निदेशक शिवेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने डीसीओ जिला नोडल सह मास्टर प्रशिक्षक के द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण का प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक लिया। साथ ही उन्होंने जनगणना परिगणना के दौरान आने वाले प्रश्नों को बताते हुए उसमे आने वाली समस्याओं का समाधान भी बताया।
श्री शिवेंद्र ने आगामी एचएलबी रिव्यू, ईबी क्रिएशन, सब ईबी, ईबी, एलोकेशन की जानकारी दी साथ ही इन कार्यों में भागौलिक तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने प्रशिक्षण गुणवत्ता और व्यवस्था की सराहना की।
उन्होंने बताया कि देश के इतिहास में पहली बार पूर्णतः डिजिटल जनगणना की जा रही है। यह एक ऐतिहासिक मौका है इस गौरवशाली महाअभियान में हम सभी के शामिल होने का मौका है।
उन्होने कहा कि जनगणना का मूल मंत्र है कोई व्यक्ति छूटे नहीं। वहीं हमारा लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति को भी इस अभियान से जोड़ना है। इसलिए इस बार बेघर की गणना की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का महाअभियान है. इसके आधार पर ही अगले पांच-दस साल तक के राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर की योजनाएं आधारित होंगी. हमारा विकास इससे सीधे जुड़ा हुआ है.
इस अवसर पर अपर जिला जनगणना अधिकारी सह डीआईओ तारणी कुमार, जिला जनगणना नोडल सह डीएसओ अंजनी कुमार लाल, डीसीओ जिला नोडल अदिती आनंद, सहायक आयुषी सिंह समेत जनगणना कोषांग के कर्मी उपस्थित थे.



















