Chhapra: इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने मंगलवार को संयुक्त रूप से किया।
- विद्यार्थी सहयोग शिविर विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण मंच : जिला पदाधिकारी
- पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन के लिए फूड कमेटी गठित
- एनसीसी यूनिट की स्थापना के सुझाव पर जिला पदाधिकारी ने दिए निर्देश
- विद्यार्थियों को सुनना प्रशासन के लिए बेहतर अवसर : वरीय पुलिस अधीक्षक
- समस्याओं का समाधान बेहतर भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
- स्टार्टअप सेल एवं लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
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इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं की जानकारी ली तथा उनके समाधान के लिए हर संभव कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत/राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके उपरांत जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया। कॉलेज के प्राचार्य द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा स्वागत संबोधन में संस्थान की गतिविधियों एवं विद्यार्थियों से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई।
विद्यार्थी सहयोग शिविर विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण मंच : जिला पदाधिकारी
जिला पदाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में विद्यार्थी सहयोग शिविर के उद्देश्य एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शिविर विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने लाने तथा उनके समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को पोर्टल के माध्यम से अपलोड करने के साथ-साथ शिविर में भी प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त समस्याओं का संबंधित स्तर पर परीक्षण कर एक माह के अंदर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान स्तर पर समाधान योग्य मामलों का निस्तारण कॉलेज प्रबंधन द्वारा कराया जाएगा, जबकि जिला प्रशासन के स्तर पर समाधान योग्य मामलों में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, जिन मामलों में उच्च स्तर पर पहल की आवश्यकता होगी, उनके समाधान के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रयास किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं कॉलेज प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन के लिए फूड कमेटी गठित
कैंटीन की व्यवस्था के संबंध में प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में चार सदस्यीय फूड कमेटी का गठन किया गया है। इसमें फैकल्टी के साथ प्रत्येक ब्रांच से दो विद्यार्थी भी शामिल होंगे। कमेटी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन का मेन्यू तय करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि कैंटीन में पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
एनसीसी यूनिट की स्थापना के सुझाव पर जिला पदाधिकारी ने दिए निर्देश
कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने कॉलेज में एनसीसी यूनिट की स्थापना का सुझाव दिया। छात्रा ने कहा कि एनसीसी से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्र सेवा की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
जिला पदाधिकारी ने सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कॉलेज प्रबंधन को आवश्यक पहल करने तथा एनसीसी यूनिट की स्थापना की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
विद्यार्थियों को सुनना प्रशासन के लिए बेहतर अवसर : वरीय पुलिस अधीक्षक
वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण श्री रौशन कुमार ने कहा कि जिला पदाधिकारी एवं वे स्वयं भी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं, इसलिए इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी स्वाभाविक रूप से बनती है।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी पहले की तुलना में अधिक कॉन्फिडेंट, जागरूक एवं असीमित ऊर्जा से भरपूर हैं। विद्यार्थियों को सुनना तथा उनकी सोच, अपेक्षाओं एवं समस्याओं को समझना प्रशासन के लिए एक बेहतर अवसर है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से प्रशासन एवं विद्यार्थियों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। इससे समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने तथा उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
समस्याओं का समाधान बेहतर भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
जिला पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि उनके बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को बेझिझक सामने रखें तथा विद्यार्थी सहयोग शिविर एवं पोर्टल, दोनों माध्यमों का उपयोग करें।
कार्यक्रम के अंत में अध्यापिका सुरभि मैडम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके पश्चात बिहार गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
स्टार्टअप सेल एवं लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के उपरांत जिला पदाधिकारी ने इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टार्टअप सेल एवं लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप सेल की गतिविधियों, विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों तथा उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी ली।
उन्होंने स्टार्टअप सेल की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता एवं आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने उपलब्ध पुस्तकों, अध्ययन सामग्री, बैठने की व्यवस्था एवं विद्यार्थियों के उपयोग की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप नई एवं उपयोगी पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, स्वच्छता एवं अनुशासन बनाए रखने तथा विद्यार्थियों को अधिक से अधिक समय तक अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्टार्टअप सेल एवं लाइब्रेरी की गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण करने तथा विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ दिलाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षकगण, संबंधित पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।



















