Chhapra: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत रिविलगंज प्रखंड के सेमरिया स्थित रामकृष्ण उच्च माध्यमिक विद्यालय के बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल स्कूल के रूप में चयनित होने के उपलक्ष्य में रविवार को उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में शिक्षाविद, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. राहुल राज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. राहुल राज, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश प्रसाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी रिविलगंज, विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्रिका मिश्रा, जदयू महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कुसुम देवी, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव प्रकाश कुमार सिंह तथा शिक्षक नेता सुरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. राहुल राज ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होती है। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल जैसी पहल सरकारी विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यालय परिवार को मॉडल स्कूल के रूप में चयनित होने पर बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह विद्यालय आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के लिए उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और प्रधानाध्यापक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा तथा सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्राचार्यों की समस्याओं को सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष लगातार उठाते रहे हैं और आगे भी उनके न्यायोचित अधिकारों एवं हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करते रहेंगे।
डॉ. राहुल राज ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने लाना नहीं, बल्कि उनके स्थायी समाधान तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की आवाज सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना उनकी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के सकारात्मक प्रयास बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही उन्होंने शिक्षकों, प्राचार्यों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को भरोसा दिलाया कि उनके हितों के लिए उनका संघर्ष, संवाद और सहयोग आगे भी निरंतर जारी रहेगा।



















