Chhapra: भाजपा के सारण पूर्वी के जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र सौंपकर छपरा और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी लंबे समय से लंबित रेल संबंधी समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने स्थानीय यात्रियों, दैनिक रेल यात्रियों, छात्रों और आम जनता की सुविधा को देखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं और इन पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
सौंपे गए पत्र में सबसे प्रमुख मांग गंगा कावेरी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12670) के विस्तार की उठाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में छपरा से चेन्नई तक चलने वाली इस ट्रेन के परिचालन को आगे बढ़ाते हुए इसे बेंगलुरु जंक्शन तक संचालित किया जाए, ताकि दक्षिण भारत में शिक्षा और रोजगार के लिए जाने वाले छात्रों एवं उनके परिजनों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके।
इसके साथ ही सिवान जंक्शन–छपरा–दिघवारा–पाटलिपुत्र–पटना जंक्शन रूट पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुबह 7 बजे के आसपास समय निर्धारित कर नई मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की गई। उनका कहना है कि इससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
पत्र में छपरा कचहरी जंक्शन पर कोविड-19 काल के दौरान बंद किए गए बाघ एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस और ग्वालियर मेल के ठहराव को पुनः बहाल करने की भी मांग उठाई गई। उनका कहना है कि परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद इन ट्रेनों का ठहराव अब तक बहाल नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों को परेशानी हो रही है।
इसके अलावा छपरा–मुजफ्फरपुर नई रेल खंड परियोजना को शीघ्र चालू करने का आग्रह किया गया। पत्र में कहा गया कि इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इसका पूर्ण लाभ आम जनता को नहीं मिल सका है।
जिलाध्यक्ष ने छपरा जंक्शन के बाहर रात्रि के समय होने वाले अतिक्रमण का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्टेशन पहुंच मार्ग पर अतिक्रमण के कारण यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को कठिनाइयों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिला परिषद भवन के आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी पत्र में शामिल की गई।
अंत में उन्होंने रेल मंत्री से जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।



















