23 फरवरी को एनआइओएस क्षेत्रीय कार्यालय पटना का घेराव करेंगे शिक्षक

23 फरवरी को एनआइओएस क्षेत्रीय कार्यालय पटना का घेराव करेंगे शिक्षक

बेगूसराय: रिजल्ट प्रकाशन तिथि के नाम पर एनआइओएस प्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन में कटौती की साजिश से शिक्षकों में आक्रोश गहराता जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या करते हुए विभागीय आदेश निकाल कर शिक्षकों को प्रताड़ित करने की साजिश रच रहा है।

बिहार के प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पत्रांक-12, दिनांक पांच जनवरी 2023 द्वारा एनआइओएस से प्रशिक्षित शिक्षकों के 22 मई 2019 की तिथि को ही प्रशिक्षण तिथि मानते हुए ऐसे सभी शिक्षकों की पिछली सेवा अवधि को नगण्य मानते हुए, प्रशिक्षण तिथि से नवनियुक्त मान कर उनका वेतन का पुनर्निर्धारण करने की बात कही गई है। जिसके कारण जिले के करीब दो हजार शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। उनका वेतन वर्तमान में मिल रहे वेतन से दस से 12 हजार तक कम हो जा रहा है।

उपरोक्त मामले पर जिले के एनआइओएस प्रशिक्षित शिक्षकों की बैठक मंगलवार को शिक्षक संघ गोपगुट जिला कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षा अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) के तहत सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में कार्यरत सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक प्रशिक्षित होना अनिवार्य था। इसी अधिनियम को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेशानुसार एनआइओएस के द्वारा 2017-19 सत्र में संपूर्ण भारत में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों का 18 महीने का विशेष सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया।

उक्त प्रशिक्षण की परीक्षा सहित सभी गतिविधि भी संपन्न करा ली गई थी। लेकिन प्रशिक्षित शिक्षकों का परिणाम 22 मई 2019 को घोषित किया गया|श। जबकि एनआईओएस के उप निदेशक (मूल्यांकन) के द्वारा दस मार्च 2022 को स्पष्ट किया जा चुका था कि सेवाकालीन प्रशिक्षण की सारी प्रक्रिया 31 मार्च 2019 तक पूरी करा ली गई और प्रमाण पत्र पर अंकित तिथि 22 मई 2019 केवल प्रिंटिंग डेट है। जिला महासचिव ज्ञानप्रकाश एवं उपाध्यक्ष रामकरण चौरसिया ने कहा कि इस मसले पर राज्यस्तरीय संघर्ष के दौरान 23 फरवरी को एनआइओएस क्षेत्रीय कार्यालय पटना का घेराव किया जाएगा।

जब तक विभाग अपने आदेश में संशोधन नहीं करेगी, तब तक शिक्षकों की लड़ाई जारी रहेगी। बैठक के बाद स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नाम पत्र उनके प्रतिनिधि अमरेन्द्र कुमार अमर को सौंपा गया। इसके साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि से भी शिक्षकों ने गुहार लगाई है।

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