Chhapra/Parsa: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक कॉर्निया (पुतली) ट्रांसप्लांट किया गया है। यह अस्पताल के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। इस सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट के मरीज अजय कुमार महतो हैं, जो सारण जिला के गौरा थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव के निवासी हैं। अजय महतो गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। दिनांक 22 दिसंबर को गुजरात में एक लोहा प्लांट में काम के दौरान पंखे से उनकी बाईं आंख में गंभीर चोट लग गई थी। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बावजूद उनकी आंख में कोई सुधार नहीं हुआ और परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।स्थिति गंभीर होने पर वे अपने घर लौट आए और मढ़ौरा, छपरा सहित कई स्थानों पर इलाज कराया, लेकिन कहीं से भी लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों की सलाह पर दिनांक 9 जनवरी को परिजनों द्वारा उन्हें अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार शुरू किया गया। वैभव सूर्यवंशी बने भारतीय टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी दिनांक 11 जनवरी को डॉ. उज्ज्वल प्रसाद झा के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक विशेष टीम का गठन किया गया और मरीज का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया गया। यह उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया गया। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 शृंखला के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर बने कप्तान ट्रांसप्लांट के सफल होने पर मरीज अजय महतो और उनकी पत्नी श्रीमती नेहा देवी ने अस्पताल के सभी चिकित्सकों एवं मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रीमती नेहा देवी ने कहा कि यदि अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती, तो उनके पति की आंखों की रोशनी वापस आना संभव नहीं हो पाता। अंडर-18 एशिया कप : जापान को 4-1 से हराकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम बनी चैंपियन इस अवसर पर डॉ. उज्ज्वल प्रसाद झा ने बताया कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया है और इसका सफल होना अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 250 मरीज कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं। जैसे-जैसे कॉर्निया उपलब्ध होते जाएंगे, वैसे-वैसे जरूरतमंद मरीजों का प्रत्यारोपण किया जाता रहेगा। अस्पताल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नई दृष्टि देना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के निदेशक मृत्युंजय तिवारी की दूरदर्शी सोच और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके मार्गदर्शन में अस्पताल लगातार उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है और पूर्वी भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहा है।
खबर सुनें
▶ Press play to listen
⚠️ आपका ब्राउज़र Text-to-Speech को सपोर्ट नहीं करता।
Chhapra/Parsa: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक कॉर्निया (पुतली) ट्रांसप्लांट किया गया है। यह अस्पताल के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है।
विज्ञापन
इस सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट के मरीज अजय कुमार महतो हैं, जो सारण जिला के गौरा थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव के निवासी हैं। अजय महतो गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। दिनांक 22 दिसंबर को गुजरात में एक लोहा प्लांट में काम के दौरान पंखे से उनकी बाईं आंख में गंभीर चोट लग गई थी। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बावजूद उनकी आंख में कोई सुधार नहीं हुआ और परेशानी लगातार बढ़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर वे अपने घर लौट आए और मढ़ौरा, छपरा सहित कई स्थानों पर इलाज कराया, लेकिन कहीं से भी लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों की सलाह पर दिनांक 9 जनवरी को परिजनों द्वारा उन्हें अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार शुरू किया गया।
दिनांक 11 जनवरी को डॉ. उज्ज्वल प्रसाद झा के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक विशेष टीम का गठन किया गया और मरीज का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया गया। यह उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया गया।
ट्रांसप्लांट के सफल होने पर मरीज अजय महतो और उनकी पत्नी श्रीमती नेहा देवी ने अस्पताल के सभी चिकित्सकों एवं मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रीमती नेहा देवी ने कहा कि यदि अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती, तो उनके पति की आंखों की रोशनी वापस आना संभव नहीं हो पाता।
इस अवसर पर डॉ. उज्ज्वल प्रसाद झा ने बताया कि कॉर्निया ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया है और इसका सफल होना अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 250 मरीज कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं। जैसे-जैसे कॉर्निया उपलब्ध होते जाएंगे, वैसे-वैसे जरूरतमंद मरीजों का प्रत्यारोपण किया जाता रहेगा। अस्पताल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नई दृष्टि देना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के निदेशक मृत्युंजय तिवारी की दूरदर्शी सोच और सतत प्रयासों का परिणाम है। उनके मार्गदर्शन में अस्पताल लगातार उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है और पूर्वी भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहा है।
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।