छपरा। सरकारी अस्पतालों में सक्रिय दलालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मरीजों को बरगलाकर निजी क्लीनिकों में ले जाने की शिकायतों के बीच सदर अस्पताल, छपरा में दलालों पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। बनियापुर प्रखंड की निवासी शांति देवी को बहला-फुसलाकर पटना के एक निजी क्लीनिक में ले जाने के मामले में संबंधित दलाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पूर्व वैभव श्रीवास्तव (जिला पदाधिकारी, सारण) एवं पुलिस अधीक्षक, सारण द्वारा संयुक्त रूप से सदर अस्पताल में छापेमारी की गई थी। इस दौरान कई निजी एम्बुलेंस संचालकों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने सारण जिले के सभी अस्पतालों की जांच वरीय पदाधिकारियों से कराई थी। साथ ही सदर अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप पुलिस चेक पोस्ट की स्थापना की गई, ताकि बाहरी तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
इसके बावजूद 20 फरवरी 2026 को एक दलाल द्वारा बनियापुर निवासी श्रीमती शांति देवी को इलाज के नाम पर गुमराह कर पटना स्थित निजी क्लीनिक ले जाने की घटना सामने आई। परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए लिखित परिवाद एवं संबंधित दलाल के फोटोग्राफ के आधार पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भगवान बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आरोपित दलाल की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अस्पताल परिसर में दलाली की प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगाने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी अस्पताल से मरीज को निजी संस्थान ले जाने के लिए दबाव डालता है या बहकाता है, तो इसकी सूचना तुरंत अस्पताल प्रशासन या पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को गुमराह करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।










