Patna/Chhapra: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भावी प्रत्याशी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ राहुल राज ने बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से शिष्टाचार मुलाकात कर राज्यभर के शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग उठाई। इस दौरान डॉ राहुल राज ने विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति, प्रोन्नति, स्थानांतरण, सेवा निरंतरता तथा वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी लंबे समय से प्रशासनिक जटिलताओं, वेतन संबंधी विसंगतियों एवं सेवा शर्तों की असमानताओं का सामना कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। डॉ राहुल राज ने सभी संवर्गों के शिक्षकों का एकीकरण कर पूर्व से लागू सेवा शर्तों एवं वेतनमान का लाभ देने, शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को अविलंब प्रोन्नति देने, स्वैच्छिक एवं पारस्परिक स्थानांतरण लागू करने तथा सेवा पुस्तिका को पूर्णतः ई-सर्विस बुक के रूप में विकसित करने की मांग की। गांव-गांव जागरूकता की अलख जगा रहे पीएसपी सदस्य, रात्रि चौपाल से चमकी बुखार को धमकी बैठक में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसों के शिक्षकों की समस्याओं को भी उठाया गया। उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। इसके साथ ही छठे चरण एवं TRE-1 के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के बीच वेतन विसंगति, HRMS ऑनबोर्डिंग में विलंब, लंबित वेतन भुगतान, अप्रशिक्षित शिक्षकों के बकाया तथा प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लंबित वित्तीय लाभों का मुद्दा भी रखा गया। डॉ राहुल राज ने कहा कि सेवा निरंतरता का लाभ मिलने के बाद भी शिक्षकों को अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, उपादान, EPF राज्यांश एवं सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने इन मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। युवा शक्ति भारत के भविष्य को नई दिशा दे रही, खेलों में भी बढ़ा रही देश का गौरव : प्रधानमंत्री उन्होंने शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, नवगठित नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शहरी आवास भत्ता, योग एवं नाट्य शिक्षकों की नियुक्ति, भवनहीन विद्यालयों में कक्ष निर्माण तथा निकट संबंधियों की मृत्यु पर न्यूनतम 15 दिनों का शोक अवकाश देने की भी मांग रखी। अपर मुख्य सचिव ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और शिक्षकों से जुड़े मामलों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉ राहुल राज ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षक समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक हित एवं शिक्षा सुधार को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। FIFA WORLD CUP 2026: लारिन के देर से किए गोल ने कनाडा को हार से बचाया, बोस्निया से 1-1 की बराबरी शिक्षक समुदाय के बीच डॉ राहुल राज की सक्रियता और सरकार के उच्च स्तर तक लगातार संवाद स्थापित करने की पहल की सराहना की जा रही है।
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Patna/Chhapra: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भावी प्रत्याशी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ राहुल राज ने बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से शिष्टाचार मुलाकात कर राज्यभर के शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग उठाई।
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इस दौरान डॉ राहुल राज ने विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति, प्रोन्नति, स्थानांतरण, सेवा निरंतरता तथा वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
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उन्होंने कहा कि बिहार के लाखों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी लंबे समय से प्रशासनिक जटिलताओं, वेतन संबंधी विसंगतियों एवं सेवा शर्तों की असमानताओं का सामना कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है।
डॉ राहुल राज ने सभी संवर्गों के शिक्षकों का एकीकरण कर पूर्व से लागू सेवा शर्तों एवं वेतनमान का लाभ देने, शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को अविलंब प्रोन्नति देने, स्वैच्छिक एवं पारस्परिक स्थानांतरण लागू करने तथा सेवा पुस्तिका को पूर्णतः ई-सर्विस बुक के रूप में विकसित करने की मांग की।
बैठक में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसों के शिक्षकों की समस्याओं को भी उठाया गया। उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
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इसके साथ ही छठे चरण एवं TRE-1 के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के बीच वेतन विसंगति, HRMS ऑनबोर्डिंग में विलंब, लंबित वेतन भुगतान, अप्रशिक्षित शिक्षकों के बकाया तथा प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लंबित वित्तीय लाभों का मुद्दा भी रखा गया।
डॉ राहुल राज ने कहा कि सेवा निरंतरता का लाभ मिलने के बाद भी शिक्षकों को अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, उपादान, EPF राज्यांश एवं सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने इन मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
उन्होंने शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, नवगठित नगर निकाय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शहरी आवास भत्ता, योग एवं नाट्य शिक्षकों की नियुक्ति, भवनहीन विद्यालयों में कक्ष निर्माण तथा निकट संबंधियों की मृत्यु पर न्यूनतम 15 दिनों का शोक अवकाश देने की भी मांग रखी।
अपर मुख्य सचिव ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और शिक्षकों से जुड़े मामलों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डॉ राहुल राज ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षक समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक हित एवं शिक्षा सुधार को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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