Chhapra: छपरा की रहने वाली कृति जायसवाल ने पहले ही प्रयास में कंपनी सचिव (सीएस) की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ छपरा और सारण के लोगों में भी खुशी का माहौल है। कृति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता मुकेश कुमार और प्रिया जायसवाल, चाचा मयंक जायसवाल के सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद को दिया है।
छपरा से शुरू हुई शिक्षा, दिल्ली तक जारी रखा सफर
चाचा मयंक जायसवाल ने बताया कि कृति जायसवाल ने अपनी मैट्रिक और 12वीं तक की पढ़ाई छपरा के सीसीएस से पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईसीएल से वाणिज्य संकाय में 12वीं की तैयारी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज में वाणिज्य विषय से पढ़ाई पूरी की। कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने कंपनी सचिव की परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।
पढ़ाई के प्रति समर्पण बना सफलता की कुंजी
उन्होंने बताया कि कृति शुरू से ही पढ़ाई के प्रति पूरी तरह समर्पित रही हैं। उनकी सफलता के पीछे नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण रही। दिल्ली में रहकर पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने अपनी प्राथमिकता शिक्षा को ही बनाए रखा।
कृति के परिजनों के अनुसार, उन्होंने पिछले करीब पांच वर्षों से सामाजिक माध्यमों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और अपना अधिकांश समय पढ़ाई तथा अपने लक्ष्य की तैयारी में लगाया। उनकी यही एकाग्रता और निरंतर मेहनत आखिरकार सफलता में बदल गई।
माता-पिता और शहर का बढ़ाया गौरव
पहले ही प्रयास में कंपनी सचिव की परीक्षा उत्तीर्ण कर कृति ने अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। साथ ही उनकी सफलता से छपरा और सारण जिले का भी गौरव बढ़ा है। उनकी उपलब्धि युवा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ सफलता हासिल की जा सकती है।
कृति की सफलता पर परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



















