Chhapra: बुडको, आरसीडी एवं नगर निगम द्वारा कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में यूटिलिटी शिफ्टिंग, जल निकासी, ड्रेनेज, सड़क निर्माण, सीवरेज सहित छपरा शहर के समग्र विकास से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
- वार्ड वार सर्वेक्षण कर तैयार होगी जल निकासी एवं ड्रेनेज की रिपोर्ट
- स्लूइस गेट एवं सीवरेज व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर
- एनएच-19 एवं रेलवे से संबंधित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
- पूरे शहर के लिए तैयार होगा सड़क एवं ड्रेनेज का ओवरऑल प्लान
- नल एवं पाइपलाइन नेटवर्क की होगी मैपिंग
- छपरा शहर के कायाकल्प के लिए बनेगी दीर्घकालिक कार्ययोजना
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समीक्षा के दौरान सुधा डेयरी साइट पर यूटिलिटी शिफ्टिंग तथा एनएच-19 के लेफ्ट आउट पोर्शन में आवश्यक यूटिलिटी शिफ्टिंग की स्थिति की जानकारी ली गई। बताया गया कि विद्युत विभाग द्वारा अभी तक आवश्यक एस्टीमेट उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बुडको द्वारा एनओसी की स्थिति की भी जानकारी ली तथा लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
वार्ड वार सर्वेक्षण कर तैयार होगी जल निकासी एवं ड्रेनेज की रिपोर्ट
बाढ़ के बाद जल निकासी के उपरांत शहर की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए जिला पदाधिकारी ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से पूर्व में गठित तकनीकी अभियंताओं की टीम से वार्डवार एवं क्षेत्रवार सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ एवं जलजमाव के बाद विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी की वास्तविक स्थिति का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। नगर निगम इस रिपोर्ट को बुडको के साथ साझा करे, ताकि पूरे छपरा शहर के लिए सड़क एवं ड्रेनेज व्यवस्था का समग्र प्लान तैयार किया जा सके।
स्लूइस गेट एवं सीवरेज व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर
आईपीएस-1 में स्लूइस गेट के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पानी को तकनीकी रूप से शहर से बाहर निकालने की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश बुडको को दिया गया। साथ ही, शहर में स्थित विभिन्न मैनहोल को एयरटाइट बनाने तथा ब्लैक वाटर को वैकल्पिक पाइपलाइन के माध्यम से सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की संभावनाओं पर तकनीकी प्लान तैयार करने को कहा गया।
बैठक में बुडको की शेष योजनाओं, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, ड्रेनेज एवं अन्य लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को इन कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
एनएच-19 एवं रेलवे से संबंधित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
एनएच-19 के लेफ्ट आउट पोर्शन के लिए री-टेंडर से संबंधित प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। वहीं, जिन कार्यों के लिए रेलवे से समन्वय आवश्यक है, उनके संबंध में जिला पदाधिकारी ने डीआरएम के साथ समन्वय स्थापित कर समन्वय बैठक आयोजित कराने का निर्देश दिया, ताकि रेलवे से संबंधित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो सके।
पूरे शहर के लिए तैयार होगा सड़क एवं ड्रेनेज का ओवरऑल प्लान
जिलाधिकारी ने समग्र शहरी योजना के अंतर्गत पूरे छपरा शहर में ड्रेनेज की स्थिति का विस्तृत आकलन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ड्रेन क्षतिग्रस्त अथवा ध्वस्त हैं, उनकी पहचान कर आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जहां यूटिलिटी शिफ्टिंग की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्या का समाधान किया जाए।
उन्होंने बुडको को समग्र शहरी योजना के तहत छपरा शहर की सड़क एवं ड्रेनेज व्यवस्था का ओवरऑल प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।
नल एवं पाइपलाइन नेटवर्क की होगी मैपिंग
जिलाधिकारी ने पूरे शहर में नल एवं पाइपलाइन नेटवर्क की मैपिंग कराने का निर्देश दिया, ताकि विभिन्न विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा किए जाने वाले निर्माण कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। इससे भविष्य में बार-बार सड़क की खुदाई एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
छपरा शहर के कायाकल्प के लिए बनेगी दीर्घकालिक कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने छपरा शहर के कायाकल्प के लिए एक समेकित एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क, ड्रेनेज, जल निकासी, सीवरेज, पाइपलाइन तथा अन्य शहरी आधारभूत संरचनाओं को ध्यान में रखते हुए शहर के सुनियोजित एवं समग्र विकास के लिए एकीकृत प्लान तैयार किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित योजनाओं में तेजी लाने तथा शहर की आधारभूत संरचनाओं से संबंधित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया।



















